गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में आज 27 अक्टूबर से दो दिवसीय विधानसभा सत्र शुरू होने जा रहा है। 2027 चुनाव से पहले धामी सरकार का ये आखिरी सत्र माना जा रहा है, जिसमें सरकार 7000 करोड़ से ज्यादा का अनुपूरक बजट पेश करेगी। पहले दिन दिवंगत पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि के बाद बजट रखा जाएगा।
सरकार की तैयारी –
सरकार ने सत्र के लिए पूरी तैयारी कर ली है। कल ही भाजपा विधायक दल की बैठक गैरसैंण में हुई, जिसमें सभी मंत्रियों को अपने विभाग के आंकड़ों के साथ तैयार रहने और विपक्ष के हर सवाल का मुखर जवाब देने को कहा गया है। सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया गया है। लगभग 1500 जवान तैनात हैं, 5 जोन और 13 सेक्टर बनाए गए हैं। दिवालीखाल, जंगलचट्टी और सारकोट समेत सभी रास्तों पर कंटीले तार और लोहे के बैरिकेड लगा दिए गए हैं। प्रशासन ने आज सुबह 6 बजे से कल शाम 5 बजे तक धारा 163 लागू कर दी है।
कौन-कौन करेगा घेराव और क्या हैं मांगें –
1. कांग्रेस – प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में आज सुबह 10:30 बजे विधानसभा घेराव करेगी। मुद्दे हैं – अंकिता भंडारी को न्याय और VIP की जांच, पेपर लीक और भर्ती घोटाले, अग्निवीर योजना को खत्म करना, कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा, और वोट चोरी के आरोप।
2. प्रदेश प्रधान संगठन – ग्राम प्रधान आज विधानसभा घेराव करेंगे। आरोप है कि सरकार ने पंचायत भवनों के निर्माण का अधिकार पंचायतों से छीनकर सरकारी एजेंसियों को दे दिया है। 10 सूत्रीय मांगों को लेकर पहले देहरादून में आश्वासन मिला था, लेकिन फाइलें अभी भी लटकी हैं।
3. उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) – यूकेडी गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने, मूल निवास 1950 और सशक्त भू-कानून लागू करने की मांग को लेकर घेराव करेगा। कल रुद्रप्रयाग में गर्जना रैली
निकालकर कार्यकर्ता गैरसैंण के लिए रवाना हो चुके हैं।
4. स्थानीय जनता – गैरसैंण के लोग और जनप्रतिनिधि मांग कर रहे हैं कि सिर्फ औपचारिक सत्र न हो, सरकार इसी सत्र में गैरसैंण को अलग जिला घोषित करे।
बहरहाल धामी सरकार का यह सत्र इस कार्यकाल का अंतिम सत्र माना जा रहा है, आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए विपक्ष ने भी कमर कस ली है। लेकिन सरकार के लिए यह सत्र चुनौती पूर्ण रहने वाला है।











