हल्द्वानी। प्रदेश की सियासत में एक बार फिर 2003 का चर्चित ‘जैनी प्रकरण’ सुर्खियों में आ गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कांग्रेस की न्याय यात्रा के दौरान तंदूर कांड और जैनी कांड का जिक्र करने के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
हल्द्वानी में प्रेस वार्ता के दौरान भावुक होते हुए हरक सिंह रावत ने कहा कि उन्होंने आज तक जैनी को देखा तक नहीं है। उन्होंने मां धारी देवी और केदारनाथ की कसम खाते हुए कहा, “मैंने जैनी को छूना तो दूर, देखा भी हो तो मेरा और मेरे खानदान का सर्वनाश हो जाए।”
रावत ने इस पूरे प्रकरण को भाजपा की साजिश करार दिया। उनका आरोप है कि 2003 में उन्हें फंसाने के लिए यह षड्यंत्र रचा गया था और उस दौरान भाजपा की दो महिला विधायक खुद जैनी से मिलने गई थीं।
उन्होंने मुख्यमंत्री को सीबीआई जांच पर खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर जांच में कुछ निकला हो तो सरकार रिपोर्ट सार्वजनिक करे। गौरतलब है कि 2003 में जैनी नाम की महिला ने हरक रावत पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद उन्हें एनडी तिवारी सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। बाद में सीबीआई जांच में उन्हें क्लीन चिट मिल गई थी, लेकिन डीएनए रिपोर्ट कभी सार्वजनिक नहीं हुई।
मीडिया से बात करते हुए हरक सिंह रावत भावुक नजर आए और उन्होंने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
क्या है जैनी प्रकरण:
यह मामला साल 2003 का है जब एनडी तिवारी सरकार में हरक सिंह रावत मंत्री थे। जैनी नाम की एक महिला ने आरोप लगाया था कि हरक सिंह रावत ही उसके बच्चे के पिता हैं। महिला का आरोप था कि काम दिलाने के नाम पर उसका शारीरिक शोषण किया गया। इस मामले ने उस समय उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा तूफान खड़ा कर दिया था और हरक सिंह को मंत्री पद गंवाना पड़ा था। बाद में इस मामले में डीएनए टेस्ट की भी बात सामने आई थी लेकिन रिपोर्ट कभी सार्वजनिक नहीं हुई और धीरे-धीरे मामला रफा-दफा हो गया था। अब सीएम धामी के हालिया बयान के बाद यह पुराना प्रकरण फिर से चर्चा में आ गया है।










