अल्मोड़ा। शिक्षा विभाग ने कूटरचित दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी हासिल करने वालों पर सख्त कार्रवाई की है। भैंसियाछाना विकासखंड के तीन प्राथमिक स्कूलों में फर्जी TET-1 सर्टिफिकेट से सहायक अध्यापक बने तीन शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। विभाग ने इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रस्ताव भी तैयार किया है।
जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा अल्मोड़ा की ओर से सहायक अध्यापक के पदों पर भर्ती निकाली गई थी। इस भर्ती में पिथौरागढ़ के भूपेंद्र कुमार, अंजना ग्वासीकोटी और नैनीताल के प्रियांशु चंद का चयन हुआ और 27 जनवरी 2026 को तीनों को नियुक्ति पत्र दिया गया। नियुक्ति के बाद भूपेंद्र को रा.प्रा.वि. कुनखेत नवीन, अंजना को प्रा.वि. बौड़ा और प्रियांशु को रा.प्रा.वि. बूढ़ाधौर में तैनात किया गया था।
फर्जीवाड़े का खुलासा 6 जुलाई 2026 को हुआ, जब उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने दस्तावेजों का सत्यापन किया। जांच में सामने आया कि तीनों के सर्टिफिकेट पर दर्ज रोल नंबर कभी जारी ही नहीं हुए थे और बोर्ड की मूल पंजिका में इनका कोई रिकॉर्ड नहीं है। यहां तक कि सर्टिफिकेट पर लगे QR कोड भी फर्जी निकले।
मामले की जांच के लिए विभागीय समिति गठित की गई, जिसने 14 जुलाई 2026 को रिपोर्ट सौंपते हुए फर्जी दस्तावेजों से नौकरी लेने के आरोप को सही ठहराया। इसके बाद तीनों को कारण बताओ नोटिस दिया गया, लेकिन वे अपने बचाव में कोई वैध प्रमाण नहीं दे सके और पारिवारिक कारण व बीमारी का हवाला देकर त्यागपत्र स्वीकार करने की गुहार लगाते रहे।
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. रवि मेहता ने बताया कि वैध साक्ष्य न मिलने पर तीनों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं और अब उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।











