मुंबई/गोवा। हिंदी और मराठी सिनेमा के बेताज बादशाह, दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है। 75 वर्ष की उम्र में उन्होंने आज सुबह 8 अक्टूबर को गोवा में अंतिम सांस ली।
जानकारी के अनुसार नाना पाटेकर गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर पर बेहोश पाए गए थे। परिजनों ने तुरंत उन्हें मणिपाल हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने 45 मिनट तक लगातार CPR किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल के डॉ. शेखर सालकर ने बताया कि उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था। सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
एक युग का अंत
1 जनवरी 1951 को जन्मे नाना पाटेकर ने अपने दमदार अभिनय से 4 दशक तक पर्दे पर राज किया। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘अब तक छप्पन’, ‘वेलकम’ और मराठी फिल्म ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उनके दमदार अभिनय के लिए उन्हें 3 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और 2013 में भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया था।
पर्दे के बाहर के हीरो
नाना पाटेकर सिर्फ अभिनेता नहीं, समाजसेवी भी थे। 2015 में अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर उन्होंने NAAM Foundation की शुरुआत की थी, जिसने महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित किसानों, किसान आत्महत्या पीड़ित परिवारों और जल संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये की मदद की है।
उनके निधन की खबर आते ही पूरे फिल्म जगत, महाराष्ट्र और देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। अंतिम संस्कार को लेकर परिवार की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है।










