देहरादून। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के अंदर हलचल तेज हो गई है। कुर्सी बचाने के लिए सीट बदलने की सोच रहे मंत्रियों की अब खुद की कुर्सी खतरे में पड़ गई है।
सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर आ रही है कि बीजेपी हाईकमान ने मंत्रियों की इस ‘सेफ सीट’ वाली रणनीति पर कड़ी नाराजगी जताई है। दिल्ली से साफ संदेश गया है -जो मंत्री अपनी वर्तमान सीट पर जीत को लेकर आश्वस्त नहीं हैं और भागकर दूसरी सुरक्षित सीट तलाश रहे हैं, उनका तो टिकट ही काट दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार पार्टी में कई मंत्रियों के टिकट कट सकते हैं या उन्हें दूसरी सीट पर चुनाव लड़ाया जा सकता है।
हाईकमान की 3 लेयर की परफॉरमेंस रिपोर्ट
पार्टी अब सिर्फ मंत्री के कहने पर भरोसा नहीं कर रही। सूत्रों के मुताबिक सभी मंत्रियों की रिपोर्ट 3 लेवल पर तैयार हो रही है।
संगठन की रिपोर्ट: बूथ स्तर के कार्यकर्ता मंत्री से कितने खुश हैं? क्षेत्र में सक्रियता क्या है?
RSS और सर्वे रिपोर्ट: संघ का फीडबैक और गुप्त एजेंसियों द्वारा कराया गया जनता का मूड।
कौन मंत्री जनता में है और कौन देहरादून-दिल्ली के चक्कर काट रहा है।
पार्टी ने साफ किया है कि टिकट का फॉर्मूला सिर्फ एक होगा – जिताऊ चेहरा और परफॉरमेंस।
क्यों भागना चाहते हैं मंत्री?
दरअसल कई मंत्रियों को अपने क्षेत्र में एंटी-इनकंबेंसी का डर सता रहा है। 2-3 बार से उसी सीट से विधायक होने के कारण जनता में नाराजगी है। इसलिए वो हाईकमान से सीट बदलने की पैरवी कर रहे थे, लेकिन यही दांव अब उल्टा पड़ता दिख रहा है।
बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “मंत्री को अपनी सीट पर ही लड़कर जीतना होगा, यही उसकी परीक्षा है। सीट बदलना कमजोरी की निशानी है।”
फिलहाल मंत्रियों में इस खबर के बाद बेचैनी बढ़ गई है। अब सबको अपनी-अपनी परफॉरमेंस सुधारनी पड़ेगी, नहीं तो 2027 में टिकट की लिस्ट से नाम गायब भी हो सकता है।











