नैनीताल / हल्द्वानी। कुमाऊं मंडल में एक बार फिर मौसम ने करवट बदल ली है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए कुमाऊं में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट पर रहने के निर्देश दे दिए गए हैं।
नैनी झील खतरे के करीब
सरोवर नगरी नैनीताल में सबसे ज्यादा चिंता नैनी झील को लेकर है। झील का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया है। लगातार बारिश के बाद झील लबालब हो गई है। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे झील किनारे और निचले इलाकों में जाने से बचें, बिना जरूरत पहाड़ों का सफर न करें।
पिछली बारिश में भी नैनीताल में हालात बिगड़े थे, जब 7 नंबर सहित कई इलाकों में घरों में पानी घुस गया था और कई सड़कें बंद हो गई थीं। इस बार प्रशासन पहले से ही सतर्क है।
भूस्खलन वाले इलाकों में टीमें तैनात
कुमाऊं के भूस्खलन संवेदनशील क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात कर दी गई हैं। जेसीबी, पोकलैंड मशीनें और SDRF की टीमें स्टैंडबाय पर रखी गई हैं ताकि कोई सड़क बंद हो तो उसे तुरंत खोला जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि नैनीताल – हल्द्वानी मार्ग, अल्मोड़ा – बागेश्वर मार्ग, पिथौरागढ़ – थल – मुनस्यारी मार्ग और खैरना – बेतालघाट मार्ग पर सबसे ज्यादा खतरा है। इन मार्गों पर पत्थर गिरने की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं।
प्रशासन की अपील –
1. अगले 2 दिन अनावश्यक पहाड़ी यात्रा टालें
2. नदी-नालों के करीब न जाएं, सेल्फी के चक्कर में जान जोखिम में न डालें
3. भूस्खलन वाली जगह पर रुकें नहीं
4. किसी भी आपात स्थिति में 112 / आपदा कंट्रोल रूम को सूचना दें
हल्द्वानी और नैनीताल के लोगों का कहना है कि हर साल बारिश में यही हाल होता है, सड़कें बंद हो जाती हैं, लेकिन स्थाई समाधान आज तक नहीं हुआ। पहाड़ में रहने वालों को हर बारिश में डर के साए में रहना पड़ता है।
फिलहाल मौसम विभाग की नजर अगले 48 घंटों पर टिकी है। अगर बारिश इसी रफ्तार से होती रही तो कुमाऊं में कई सड़कें फिर बंद हो सकती हैं।











