देहरादून। अपने दम पर कांग्रेस को चुनाव जिताने का दावा करने वाले वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत चुनाव नजदीक आते ही एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार मामला कथित तौर पर उनकी पत्नी द्वारा जमीन हड़पने के आरोप से जुड़ा है जिसमें एक अन्य महिला को हरक सिंह रावत की पत्नी बताए जाने की खबरें सामने आई हैं। इस खबर के सामने आते ही हरक सिंह रावत की पत्नी दीप्ति रावत ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि वही हरक सिंह रावत की पत्नी हैं और उन्होंने किसी की कोई जमीन नहीं हड़पी है। दीप्ति रावत ने चुनौती देते हुए कहा है कि यदि संबंधित महिला वास्तव में हरक सिंह रावत की पत्नी है तो इसके प्रमाण सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
पौड़ी जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष दीप्ति रावत ने कहा कि बिना ठोस सबूत के किसी महिला का नाम उनके पति के साथ जोड़ना गलत है और इससे उनके परिवार को मानसिक पीड़ा और बदनामी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने खबरें प्रकाशित करने वाले पत्रकारों से भी अपील की है कि तथ्यों की जांच किए बिना कोई भी खबर न चलाई जाए और चेतावनी दी है कि भ्रामक खबरों पर वह न्यायालय की शरण लेंगी।
गौरतलब है कि हरक सिंह रावत का विवादों से पुराना नाता रहा है। साल 2003 में एनडी तिवारी सरकार में राजस्व मंत्री रहते हुए वह चर्चित जैनी प्रकरण में घिरे थे जब एक महिला ने उन पर आरोप लगाए थे, जिसके बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था और मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अंकिता भंडारी मामले के जवाब में जैनी कांड का जिक्र करने पर यह 23 साल पुराना मामला फिर सुर्खियों में आ गया था, जिस पर हरक सिंह रावत ने भावुक होकर केदारनाथ और धारी देवी की कसम खाकर सफाई दी थी। इसके अलावा अभी एक नवंबर को ही देहरादून के कंडोली क्षेत्र में एक मकान के सौदे को लेकर हरिओम सहगल नाम के व्यक्ति ने हरक सिंह रावत और उनकी करीबी सोनिया आनंद पर चेक बाउंस और मकान पर कब्जा करने के आरोप लगाए हैं, जिसकी जांच एसएसपी देहरादून कर रहे हैं। चुनाव से पहले एक के बाद एक आ रहे इन विवादों ने उत्तराखंड की सियासत में हलचल और हरक सिंह रावत की मुश्किलें बढ़ा दी है।










