बरेली। 36 साल पुराने चर्चित जैन दंपति हत्याकांड का मामला एक बार फिर गरमा गया है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की ओर से उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद आरोपी गिरधारी लाल साहू की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
बताया जा रहा है कि बरेली के इस हत्याकांड की पत्रावली गायब होने का मामला हाईकोर्ट पहुंचा था, जिसके बाद सेशन कोर्ट ने पत्रावली को पुनर्गठित करने की प्रक्रिया शुरू की है। अब इस मामले में सुनवाई आगे बढ़ने की उम्मीद है। वहीं बरेली पुलिस ने साहू का आपराधिक इतिहास भी खंगालना शुरू कर दिया है।
गौरतलब है कि बारादरी थाना क्षेत्र के सिविल लाइंस स्थित घर में वर्ष 1990 में नरेश जैन और उनकी पत्नी पुष्पा जैन की चाकुओं से हत्या कर दी गई थी। उस समय परिवार टीवी देख रहा था, तभी हमलावर घर में घुसे थे। इस हमले में दोनों बेटियां भी घायल हुई थीं। बेटी प्रगति जैन की तहरीर पर केस दर्ज हुआ था।
इस मामले में 12 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी, जिनमें से 6 की मौत हो चुकी है। आरोपियों पर हत्या, आपराधिक साजिश और जमीन हड़पने के लिए जालसाजी जैसे आरोप हैं।
वर्ष 2013 में इस केस की पत्रावली गायब हो गई थी, जिस पर कोर्ट के एक लिपिक के खिलाफ केस दर्ज कर उसे जेल भेजा गया था। कोरोना काल में गैरहाजिरी पर साहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी हुआ था।
फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश पर दोनों पक्षों से दस्तावेज लेकर पत्रावली को फिर से तैयार किया जा रहा है और केस अपर सेशन कोर्ट-दशम में चल रहा है। बहरहाल गिरधारी लाल अभी फरार बताया जा रहा है।












