कर्णप्रयाग/नैनीसैंण। सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है, पर पहाड़ के एक स्कूल की हालत देखिए। 4 महीने से बच्चे बिना टीचर के पढ़ने को मजबूर हैं। अब गुस्साए मां-बाप ने अपने खून से पत्र लिखकर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजा है।
मामला अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज नैनीसैंण, कर्णप्रयाग का है। यहां पिछले चार महीनों से हाईस्कूल और इंटर के 5 सबसे जरूरी विषयों के पद खाली पड़े हैं।
इन विषयों के नहीं है अध्यापक
हाईस्कूल में गणित और आर्ट विषय, और इंटरमीडिएट में गणित, अंग्रेजी, रसायन विज्ञान, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान के प्रवक्ता के पद रिक्त हैं।
स्कूल में इस समय 162 बच्चे पढ़ रहे हैं, लेकिन पढ़ाने वाला कोई नहीं। पीटीए अध्यक्ष राकेश नेगी ने बताया कि बच्चों का भविष्य अंधकार में है।
अभिभावकों का कहना है कि बीते 20 सितंबर को उन्होंने जुलूस निकालकर तहसील और बीईओ दफ्तर का घेराव भी किया था, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी सरकार ने कोई सुध नहीं ली। आखिर में मजबूर होकर उन्होंने खून से पत्र लिखने जैसा कदम उठाया।
इस मांग में जस्यारा की प्रधान पुष्पा देवी, कंडारा की ममता देवी, नौसारी के पुष्कर रावत, बणसोली के जमन नेगी, किमोली की प्रेमकला देवी, सुखातोली के जयबीर तोपाल, ग्वाड़ के प्रदीप कंडवाल, कनखुल की रोशनी देवी और कपीरी संघर्ष समिति अध्यक्ष खिलदेव रावत समेत सभी ग्राम प्रधानों ने भी शिक्षकों की तैनाती की मांग की है।










