नई दिल्ली। 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में अभूतपूर्व सुरक्षा घेरा बना दिया गया है। इसे 2020 के दंगों के बाद की सबसे बड़ी तैनाती बताया जा रहा है।
गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस के लिए 221 कंपनियां यानी करीब 23 हजार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवान 8 से 12 अक्टूबर तक के लिए उपलब्ध कराए हैं। मौजूदा बल को मिलाकर राजधानी में कुल 26 हजार से ज्यादा पैरामिलिट्री जवान तैनात रहेंगे। इसके अलावा करीब 15 से 20 हजार दिल्ली पुलिस के जवान भी मोर्चा संभालेंगे। इनमें 5 महिला पैरासैन्य कंपनियां और 450 से ज्यादा महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जिन्हें प्रदर्शनकारी महिलाओं को रोकने के लिए सबसे आगे रखा जाएगा। सभी जवानों को बॉडी वॉर्न कैमरा पहनने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी के साथ नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांट दिया गया है। हर जोन की निगरानी एक जॉइंट सीपी, एक डीसीपी और एक एडिशनल डीसीपी स्तर का अधिकारी करेगा। पूरे इलाके में मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग की गई है। कंक्रीट के बैरियर, कंटीले तार और चिल्ला बॉर्डर समेत सभी बॉर्डरों पर सघन चेकिंग चल रही है। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और होटलों पर भी नजर रखी जा रही है। सीसीटीवी और फेस रिकग्निशन सिस्टम वाले कैमरों से कंट्रोल रूम से निगरानी होगी।
मेट्रो और रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा है। डीएमआरसी ने पहले 57 स्टेशनों को बंद करने का आदेश दिया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद घटाकर 45 कर दिया गया है। ये स्टेशन 9 अक्टूबर रात 9 बजे से 10 अक्टूबर शाम 6 बजे तक बंद रहेंगे। एंट्री-एग्जिट बंद रहेगी, सिर्फ इंटरचेंज मिलेगी। इसके अलावा 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे तक नई दिल्ली और निजामुद्दीन आने वाली सभी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।
प्रशासन ने इंटरनेट पर भी पाबंदी लगा दी है। गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद जनपथ-कर्तव्य पथ क्रॉसिंग से 4 किलोमीटर के दायरे में यानी जंतर-मंतर के आसपास 9 अक्टूबर रात 10 बजे से 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक सभी कंपनियों जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और एमटीएनएल का मोबाइल इंटरनेट बंद रहेगा। बाकी दिल्ली में इंटरनेट सामान्य रहेगा। एहतियात के तौर पर 9 और 10 अक्टूबर को दिल्ली में शराब की दुकानें भी बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।












