रिपोर्ट – हरीशचंद्र
रुद्रप्रयाग। लगातार बारिश ने केदारनाथ यात्रा मार्ग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर सिल्ली के पास पहाड़ी दरकने से सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आ गिरे। साथ ही किनारे बनी सुरक्षा दीवार भी ढह गई। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी विशाल मिश्रा खुद मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया।
DM ने संबंधित अधिकारियों से घटना की बारीकी से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने तुरंत हरकत में आकर जेसीबी मशीनों की मदद से छोटे पत्थर और मलबा हटवाकर मार्ग को आंशिक रूप से खोल दिया है। अभी यातायात को नियंत्रित तरीके से चलाया जा रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भूस्खलन वाले स्थान से एक बार में केवल एक ही वाहन को निकाला जा रहा है। बड़े बोल्डरों को हटाने के लिए विशेषज्ञ तकनीकी टीम को भी मौके पर तैनात किया गया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अभी जो कार्य किए जा रहे हैं वे यात्रियों की आवाजाही को सुचारू रखने के लिए तात्कालिक इंतजाम हैं। लेकिन भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए स्थायी समाधान जरूरी है। इसके लिए उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए हैं कि टीएचडीसी के तकनीकी सहयोग से प्रभावित स्लोप का विस्तृत अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की जाए। रिपोर्ट में स्लोप प्रोटेक्शन और क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार को मजबूत करने की व्यवहारिक योजना शामिल हो। जरूरत पड़ने पर इस संबंध में सचिव, लोक निर्माण विभाग से भी मदद ली जाएगी।
DM विशाल मिश्रा ने कहा कि केदारनाथ यात्रा मार्ग राज्य की आस्था और अर्थव्यवस्था दोनों से जुड़ा है। यह अत्यंत संवेदनशील मार्ग है इसलिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। हमारी पहली प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा है। प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है कि यात्रा के दौरान किसी श्रद्धालु को असुविधा न हो और आवागमन बिना बाधा चलता रहे।
निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता एनएच सौरभ ढौंडियाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उनके साथ मौजूद रहे।







