देहरादून। प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी में टौंस नदी पर बने नवनिर्मित पुल की एप्रोच रोड धंसने के मामले में उत्तराखंड सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पांडेय ने प्राथमिक जांच के आदेश जारी किए हैं और पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं।
सचिव ने क्षेत्रीय मुख्य अभियंता, देहरादून को पत्र भेजकर 3 दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। शासन ने साफ कर दिया है कि जांच में यदि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी, अभियंता और निर्माण एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार देहरादून-पांवटा साहिब पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित इस पुल की एप्रोच रोड का एक हिस्सा हाल ही में क्षतिग्रस्त हो गया था। सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में खबर आने के बाद मामला प्रकाश में आया। चूंकि यह पुल जनहित और लोक सुरक्षा से सीधे जुड़ा है, इसलिए शासन ने इसे गंभीरता से लिया है।
पंकज कुमार पांडेय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जांच रिपोर्ट में घटना के तकनीकी कारणों का पूरा विश्लेषण किया जाए। साथ ही निर्माण कार्य से जुड़े दस्तावेज, अभिलेखीय साक्ष्य और गुणवत्ता संबंधी सभी पहलुओं की पड़ताल कर जिम्मेदारी तय की जाए।
नंदा की चौकी पुल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। एप्रोच रोड धंसने से स्थानीय लोगों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। अब शासन की रिपोर्ट के बाद ही तय होगा कि दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कब तक होगी।







