रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में जेल की यातनाएं झेलने वाले और सेना से रिटायर्ड एक जवान ने मुख्यमंत्री से सम्मान पेंशन बहाल करने की मांग की है। रुद्रप्रयाग जिले के जखोली विकासखंड के ग्राम जखोली निवासी नायक रिटायर्ड हयात सिंह राणा ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा है कि राज्य निर्माण में उनके योगदान के बावजूद उन्हें मिल रही 5000 रुपये की सम्मान पेंशन को बिना वजह बंद कर दिया गया है।
हयात सिंह राणा उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के सदस्य हैं। उन्होंने पत्र में दर्द बयां करते हुए लिखा कि राज्य आंदोलन के दौरान श्रीनगर में उन्हें 52 अन्य आंदोलनकारियों के साथ 14 दिन तक जेल में रखा गया था। आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा कई बार पकड़े जाने के साथ ही श्रीनगर में हुए उत्पीड़न के कारण उनकी रीढ़ की हड्डी में चोट आ गई थी जिसका इलाज आज भी जारी है।
राणा ने कहा कि एक तरफ जहां वे देश की सेवा कर चुके रिटायर्ड फौजी हैं, वहीं दूसरी तरफ राज्य निर्माण के लिए उन्होंने अपना खून भी बहाया है। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाली सम्मान पेंशन रोक दी गई है। उन्होंने बताया कि उनके साथी डिप्टी कमांडेंट के.आर. बडथ्वाल, फौजी मनमोहन तौदीवाल और तहसीलदार सेवानिवृत्त के.एस. विक्रम को आज भी सम्मान पेंशन मिल रही है, लेकिन उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि राज्य आंदोलन में दिए गए उनके बलिदान को देखते हुए उनकी सम्मान पेंशन को तुरंत बहाल किया जाए, ताकि वृद्धावस्था में उन्हें आर्थिक मदद मिल सके।
यहां बता दें कि राज्य आंदोलनकारी हयात सिंह राणा अपनी पेंशन बहाली को लेकर मुख्यमंत्री जनता दरबार से लेकर तहसील दिवस में अपनी आवाज उठा चुके हैं, शर्मनाक है यह सिस्टम, जो कि अभी तक उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है।
वहीं राज्य आंदोलनकारी परिषद की उपाध्यक्षा चारु कोठारी ने बताया है कि उत्तराखंड सरकार राज्य आंदोलनकारी का सम्मान करती है, उक्त मामले को शासन में रखा गया है, जल्द ही हयात सिंह राणा को उनके बकाया सहित राज्य आंदोलनकारी सम्मान निधि प्राप्त होगी।
वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी सुरेंद्र प्रसाद सकलानी ने बताया कि हयात सिंह राणा को पूर्व में राज्य आंदोलनकारी सम्मान पेंशन मिलती थी, जो कि विगत वर्षों से बंद कर दी गई है। राज्य आंदोलनकारी सकलानी ने शासन से जल्द ही हयात सिंह राणा को राज्य आंदोलनकारी सम्मान पेंशन देने की मांग की है।







