घनसाली/टिहरी। पहाड़ों से पलायन रोकने और बंजर जमीन को आबाद करने की दिशा में विकास खंड भिलंगना के ग्राम सेमल्थ, पट्टी नैलचामी ने एक मिसाल कायम की है। यहां ग्राम प्रधान अमित गौड़ ने कृषि विभाग घनसाली और ग्रामीणों के सहयोग से गांव की 200 नाली बंजर भूमि पर 570 फलदार वृक्ष लगाए हैं।
ग्राम प्रधान अमित गौड़ का कहना है कि इस मुहिम का मकसद सिर्फ पर्यावरण बचाना नहीं है, बल्कि गांव में स्वरोजगार के नए रास्ते खोलना भी है। उनका सपना है कि आने वाले वर्षों में यही बंजर भूमि बागवानी से गांव की आमदनी का स्रोत बने और युवाओं को रोजगार के लिए शहरों की ओर न जाना पड़े।
अब इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए ग्राम प्रधान ने प्रशासन से मदद मांगी है। उन्होंने जिलाधिकारी टिहरी, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी नई टिहरी, क्षेत्रीय विधायक, खंड विकास अधिकारी भिलंगना, ब्लॉक प्रमुख और उद्यान विभाग घनसाली से अनुरोध किया है कि इन फलदार वृक्षों की देखभाल के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
प्रधान जी ने विशेष रूप से पौधों की सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था और जंगली जानवरों से बचाव के लिए फेंसिंग या घेरबाड़ की मांग की है। उनका कहना है कि अगर विभाग सहयोग करें तो यह बंजर भूमि कुछ ही सालों में हरियाली और रोजगार दोनों देगी।
ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना की है। उनका मानना है कि पहाड़ में अगर इस तरह की बागवानी को बढ़ावा मिले तो पलायन पर काफी हद तक रोक लग सकती है।
फिलहाल गांव के लोग इस उम्मीद में हैं कि प्रशासन उनकी इस पहल में साथ देगा और सेमल्थ गांव विकास का एक नया मॉडल बनेगा।









