टिहरी। उत्तराखंड के टिहरी जिले के जाखणीधार ब्लॉक स्थित ग्राम कैंथौली में सत्संग की आड़ में धर्मांतरण कराने के प्रयास का आरोप लगने के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई। गांव के एक घर में आयोजित प्रार्थना सभा में बाहरी लोगों के शामिल होने और अनुसूचित जाति के ग्रामीणों को प्रलोभन देने की सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उन्होंने सभा का विरोध किया और बाहर से आए लोगों को गांव से खदेड़ दिया।
ग्रामीण अमित थपलियाल ने बताया कि उस दिन घर में करीब 20 से 25 लोग एकत्र थे, जिनमें अधिकांश गांव के बाहर के बताए जा रहे थे। आरोप है कि वहां मौजूद कुछ लोग ग्रामीणों को धर्म परिवर्तन के लिए तरह-तरह के प्रलोभन दे रहे थे। हंगामे के बाद सभा को बीच में ही बंद करना पड़ा और बाहर के लोग वहां से चले गए।
इस मामले को लेकर सोमवार को अमित थपलियाल और पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख आशाराम थपलियाल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि जिस मकान में यह गतिविधि चल रही थी, वह लोक निर्माण विभाग की भूमि पर अतिक्रमण कर बनाया गया है। उसकी भी जांच कराई जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के ज्यादातर लोग रोजगार के लिए बाहर रहते हैं और घरों में बुजुर्ग और महिलाएं अकेली रहती हैं। इसका फायदा उठाकर कुछ लोग स्थानीय संपर्कों के जरिए ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर धर्म बदलने के लिए दबाव बनाते हैं। उन्होंने डीएम और एसएसपी से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रशासन का कहना है कि अभी तक आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।








