देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की बारिश अब रुक-रुककर हो रही है। रविवार को देहरादून और नैनीताल के कई इलाकों में हुई बूंदाबांदी से लोगों को उमस से कुछ राहत मिली। वहीं मसूरी में सर्द हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सामान्य से 24 फीसदी कम बारिश हुई है। इस दौरान सामान्य 12.6 मिमी के मुकाबले केवल 9.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। तापमान भी सामान्य से एक से दो डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है। देहरादून के कई इलाकों में बारिश के बावजूद उमस से लोगों को राहत नहीं मिल सकी।
मौसम विभाग ने सोमवार 6 जुलाई के लिए राज्य के पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बागेश्वर जिले के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। रुद्रप्रयाग, चमोली, चंपावत और नैनीताल में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि सोमवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
बारिश के कारण चारधाम यात्रा भी प्रभावित हुई है। पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण रविवार तड़के यमुनोत्री हाईवे हनुमान चट्टी से आगे बंद हो गया। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद सुबह 11 बजे के आसपास हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए खोला जा सका। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
स्याना चट्टी के पास भी भूस्खलन से कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। एनएच की टीम ने मलबा हटाकर आवाजाही शुरू कराई लेकिन पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण यह इलाका अब भी संवेदनशील बना हुआ है। गौरतलब है कि स्याना चट्टी क्षेत्र में बार-बार भूस्खलन के कारण यमुनोत्री हाईवे बंद हो रहा है। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही यमुनोत्री धाम आने वाले श्रद्धालुओं को भी घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।









