देहरादून। होम-स्टे पंजीकरण के नाम पर दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने का मामला सामने आने के बाद राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने पर्यटन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने जिला पर्यटन अधिकारी बृजेंद्र पांडे और विभागीय कर्मचारी फिरोज खान पर मालसी निवासी मोहम्मद रईस से पैसे मांगने का आरोप लगाया है।
राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने प्रेस वार्ता में बताया कि मोहम्मद रईस ने किंग क्वीन नाम से होम-स्टे पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद फाइल महीनों तक रोके रखी गई। आरोप है कि जिला पर्यटन अधिकारी ने रईस को बुलाकर शिकायत का हवाला दिया और मामला निपटाने के लिए ऊपर तक रकम पहुंचाने की बात कही। मोबाइल के कैलकुलेटर पर दो लाख रुपये लिखकर दिखाए गए।
इसके बाद कर्मचारी फिरोज खान निरीक्षण के नाम पर रईस के घर पहुंचे और फिर से पैसों की मांग की। पीड़ित का आरोप है कि उसने दबाव में आकर किश्तों में एक लाख नब्बे हजार रुपये दे दिए। बाकी दस हजार के लिए भी लगातार फोन किए गए। पूरी रकम मिलने के बाद ही पंजीकरण प्रमाणपत्र और रजिस्टर दिया गया। पैसे वापस मांगने पर रईस को धमकाया गया।
मोहम्मद रईस ने कहा कि उसके पास रिश्वत मांगने और लेन-देन से जुड़े वीडियो-ऑडियो सबूत हैं। उसने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत संख्या CMHL-062026-2-1057857 दर्ज कराई है। रईस ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि होम-स्टे योजना स्वरोजगार की रीढ़ है। अधिकारी ही वसूली करेंगे तो योजना फेल हो जाएगी। शिवप्रसाद सेमवाल ने आरोपी अधिकारियों को बर्खास्त करने और उनकी संपत्ति की जांच की मांग की।
राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने चेतावनी दी है कि निष्पक्ष जांच न होने पर पार्टी पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी। अब सबकी नजर सरकार की कार्रवाई पर है।








