हरिद्वार। उत्तराखंड के चर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मदरहुड यूनिवर्सिटी को सील कर दिया है। इस यूनिवर्सिटी में एक कैबिनेट मंत्री की पार्टनरशिप बताई जा रही है। ईडी की इस कार्रवाई के बाद घोटाले में शामिल अन्य लोगों में हड़कंप मच गया है।
समाज कल्याण विभाग के इस घोटाले में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ कांग्रेस के कई नेता भी शामिल हैं। घोटाले के आरोपी पहले भी जेल जा चुके हैं। अब दोबारा ईडी की सख्ती से सभी अपने बचाव के रास्ते तलाश रहे हैं।
जांच में हरिद्वार जनपद के कई नामी स्कूलों के नाम सामने आए हैं। ये संस्थान भाजपा के उन नेताओं से जुड़े हैं जो विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। इनमें मुनीष सैनी के साथ पूर्व विधायक सुरेश चंद जैन के भतीजे का नाम भी है, जो इन दिनों समाजसेवी के रूप में सक्रिय है। वहीं मंगलौर से विधायक काजी निजामुद्दीन का भाई भी इस मामले में जेल काट चुका है। कई अन्य नेता भी इस घोटाले से जुड़े हैं जो बड़े नेताओं के करीबी माने जाते हैं।
घोटाले में शामिल संस्थानों में बहादराबाद क्षेत्र के ओम बायो साइंस एंड टेक्नोलॉजी, रुड़की और ओम बायो साइंस एंड फार्मा कॉलेज, दौलतपुर रुड़की बहादराबाद ने 2.48 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति में गड़बड़ी की है। यूपी कॉलेज ऑफ पॉलिटेक्निक फॉर रिसर्च कमलापुर सहारनपुर ने 30 लाख रुपये का घोटाला किया है। कृष्णा कॉलेज ऑफ समेत अन्य संस्थानों के नाम भी जांच में सामने आ रहे हैं।
ईडी की कार्रवाई के बाद अब अन्य कॉलेजों और नेताओं पर भी शिकंजा कस सकता है। आने वाले दिनों में और बड़े नाम सामने आने की संभावना है।








