रिपोर्ट – हरीश चंद्र
ऊखीमठ। केदारनाथ बद्रीनाथ मंदिर समिति कर्मचारी संघ ने कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और बीकेटीसी समिति के अध्यक्ष को पुनः ज्ञापन भेजा है। संघ ने मांगों पर एक सप्ताह के भीतर निर्णय न होने की स्थिति में आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
संघ के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि समिति में लगभग 70 सीजनल कर्मचारियों के शासनादेश अभी तक जारी नहीं किए गए हैं। इन आदेशों को जल्द जारी किया जाए। साथ ही उत्तराखंड शासन द्वारा उपनल कार्मिकों को दिए जा रहे समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत के अनुसार बीकेटीसी के कर्मचारियों को भी समान वेतन उपलब्ध कराया जाए।
विजेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि कर्मचारियों की पदोन्नति, सेवा सुरक्षा, नियमितीकरण और अन्य लंबित मांगों पर भी तत्काल सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। इन मांगों को लेकर संघ पहले भी कई बार पत्राचार और अनुरोध कर चुका है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
संघ ने शासन और मंदिर समिति से अनुरोध किया है कि कर्मचारियों की जायज मांगों पर एक सप्ताह के भीतर ठोस निर्णय लिया जाए। यदि निर्धारित समय में समाधान नहीं होता है तो संयुक्त कर्मचारी संघ बीकेटीसी के बैनर तले चरणबद्ध धरना-प्रदर्शन और आंदोलन शुरू किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर श्री बदरीनाथ धाम, श्री केदारनाथ धाम, ज्योतिर्मठ सहित समिति के सभी कार्यालयों, अतिथि गृहों और अन्य इकाइयों में आंदोलन चलाया जाएगा।
कर्मचारी संघ ने आशा जताई है कि शासन और मंदिर समिति कर्मचारियों के हित में शीघ्र निर्णय लेकर समस्या का समाधान करेगी।







