श्रीनगर (गढ़वाल)। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में वर्षों से सेवाएं दे रहे मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) कर्मचारियों के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। विश्वविद्यालय में आयोजित भव्य समारोह में 97 कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद कर्मचारियों और उनके परिजनों में खुशी का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत तथा विशिष्ट अतिथि देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी रहे। दोनों अतिथियों ने कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र वितरित कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि लंबे समय से विश्वविद्यालय में कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करना विश्वविद्यालय प्रशासन की प्राथमिकता रही है। यह कर्मचारियों के धैर्य, संघर्ष और समर्पण का परिणाम है कि आज उन्हें स्थायी नियुक्ति का अधिकार मिला है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिवार के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा जनप्रतिनिधियों के सहयोग से यह महत्वपूर्ण कार्य संभव हो पाया।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि वर्षों से विश्वविद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को न्याय दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए गए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का नियमितीकरण केवल नियुक्ति नहीं बल्कि उनके लंबे संघर्ष और सेवा के प्रति सम्मान है। मंत्री ने सभी कर्मचारियों से विश्वविद्यालय और छात्र हित में पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने भी कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्थायी नियुक्ति मिलने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। यह निर्णय उनके जीवन में नई ऊर्जा और विश्वास का संचार करेगा।
गौरतलब है कि गढ़वाल विश्वविद्यालय में कुल 147 दैनिक एवं नियत वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया चल रही है। प्रथम चरण में 35 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे, जबकि दूसरे चरण में 97 एमटीएस कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति प्रदान की गई। लंबे समय से लंबित इस प्रक्रिया के पूरा होने पर कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन, कुलपति और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
वहीं विवि प्रशासन का कहना है कि अभी 15 कर्मियों की स्थाई नियुक्ति होनी बाकी है जल्द की कागची कार्यवाही पूरी कर नियुक्ति दी जाएगी।
समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी परिषद के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं उनके परिजन उपस्थित रहे। कर्मचारियों ने इसे अपने दो दशक लंबे संघर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए खुशी जाहिर की।







