उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है। चमोली जिले के थराली ब्लॉक में एक बार फिर भीषण सड़क हादसा हुआ है, जिसने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। इस हादसे में कार चालक की मौके पर ही जान चली गई।
हादसा कुलसारी – नैल ढालु मोटर मार्ग पर हुआ । देवाल क्षेत्र के उलंग्रा गांव निवासी प्राणी दत्त कुनियाल (65 वर्ष) अपनी कार (UK 11 A 3154) से यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान एक मोड़ पर वाहन अनियंत्रित हो गया और करीब 150 मीटर नीचे गहरी खाई में गिरते हुए दूसरी सड़क पर जा पहुंचा ।
हादसा इतना भयावह था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी
सूचना मिलते ही थराली पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से रेस्क्यू कर घायल चालक को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली पहुंचाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही थराली पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से रेस्क्यू कर घायल चालक को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली पहुंचाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया ।
इस अचानक हुए हादसे से मृतक के परिजन सदमे में हैं। घर में कोहराम मचा हुआ है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
थराली थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया ने बताया, घटना स्थल से रेस्क्यू कर घायल को स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया । मृतक का पंचनामा किया जा रहा है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा, खतरनाक मोड़ों, क्रैश बैरियर की कमी और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन हो रही दुर्घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि आखिर कब तक पहाड़ों में सड़कें जानलेवा बनी रहेंगी? अगर उत्तराखंड के लोगों को सड़क दुर्घटनाओं से बचाना है तो, यहां की मुख्य सड़कों और आंतरिक सड़कों पर क्रश बैरियर लगाने होंगे ।











