देहरादून से पांवटा जाने वाले पुराने हाईवे पर नंदा की चौकी के पास बने टौंस नदी के नए पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने के मामले में राज्य सरकार ने सख्ती दिखाई है। शुरुआती जांच रिपोर्ट आने के बाद लोक निर्माण विभाग के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
शासन के आदेश पर अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, सहायक अभियंता अमित त्यागी और कनिष्ठ अभियंता नवीन गैरोला पर कार्रवाई हुई है। इन पर सरकारी काम में लापरवाही का आरोप है। साथ ही पुल का डिजाइन बनाने वाली कंसल्टेंसी और उसकी जांच करने वाली एजेंसी के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए विभाग के मुखिया को कहा गया है।
जांच में सामने आया कि पुल निर्माण के दौरान नदी की दिशा बदलने यानी रिवर डायवर्जन का कोई प्लान नहीं बनाया गया। नदी के बहाव, उसके तल के ढलान और कटाव रोकने वाले उपायों पर ध्यान नहीं दिया गया। इसी वजह से नदी का तेज बहाव सीधे पुल के एक किनारे से टकराने लगा। इससे पुल के पास मिट्टी कटती गई और एप्रोच रोड के नीचे गड्ढा बन गया, जिसके कारण सड़क बैठ गई।
सरकार ने कहा है कि इस मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे उन पर आगे भी कार्रवाई होगी।









