लंबे समय से उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में शादी की कल्पना करते युवा लड़कों पर अब सोशल मीडिया में भी अलग तरह से तंज कसा जा रहा है। इन अविवाहित युवाओं का कुमाऊं और गढ़वाल दोनों ही मंडल में बंडल बन रहा है।
दरअसल लोक गायिका पम्मी नवल के जागर की कुछ पंक्तियां इन दिनों सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही हैं। इसमें लड़कियां रील्स बनाकर वीडियो अपलोड कर रही हैं। जिसमें कि वह एक धनुर्धारी पति की कल्पना कर रही हैं।
क्या है इस जागर में
मकर संक्रांति के दिन द्रोपदी का स्वयंवर रचाए जाने की मान्यता है। पौराणिक समय से चला आ रहा यह जागर द्रौपदी के स्वयंवर का है, जहां उनके पिता राजा द्रौपद ने स्वयंवर में मांग रखी है कि जो नीचे तेल की कढ़ाई में देखकर ऊपर घूमती हुई मछली की आंख में तीर मारेगा, वह राजकुमारी द्रौपदी से विवाह के योग्य होगा।
बस सोशल मीडिया को तो बहाना चाहिए था। एक्टिव यूजर्स द्वारा इस वीडियो की क्लिपिंग निकालकर रील बनाई जा रही हैं। जिसको कि लोग काफी पसंद भी कर रहे हैं।
आखिर कैसे हुई वायरल यह क्लिपिंग
दरअसल आजकल गढ़वाल मंडल के गांवों में जगह -जगह पांडव नृत्य का आयोजन किया जा रहा है। जहां पर पांडव नृत्य से जुड़े इन जागर को डीजे के माध्यम से बजाया जा रहा है, और इस ऑडियो की क्लिपिंग वायरल हो रही है, जिसमें कि राजकुमारी द्रौपदी एक धनुर्धारी योद्धा की डिमांड कर रही है।
असल में कहा जाए तो उत्तराखंड के पहाड़ी युवाओं के लिए शादी किसी चुनौती से कम नहीं। लड़कियों की भारी भरकम डिमांड के चलते उत्तराखंड के लाखों युवा अपनी युवावस्था पार कर चुके है।

लोक गायिका एवं शिक्षिका डा. पम्मी नवल बताती हैं कि उन्होंने इस जागर को दो वर्ष पहले यूट्यूब के माध्यम से रिलीज किया था। पहाड़ों में अविवाहित युवाओं के विषय में भी उन्होंने चिंता जताई है। उनका कहना है कि युवा लड़कियों को अपने पहाड़ से लगाव होना चाहिए। हमें अपनी संस्कृति, जो कि हमें विरासत में मिली है, उसे संजोय रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।








