रिपोर्ट- सुरेंद्र सिंह चौधरी
एक भंड़ुआ पत्रकार चीख चीखकर कह रहे हैं कि एक इस्लामिक देश होने के बावजूद ईरान ने पवित्र रमजान के महीने में कतर, कुवैत, आबूधाबी, सउदी अरब आदि इस्लामिक देशों पर हमला कर दिया है। लोग भाग रहे हैं भूखे प्यासे। ईरानियों को खुदा का खौफ नहीं।
मेरे मुंह में इस भंड़वे पत्रकार के लिए बहुत भद्दी भद्दी गालियां बाहर निकलने के लिए कुलबुला रही हैं। रुबिका लियाकत के लिए जो गालियां मैंने अभी निकाली हैं वैसी गंदी गालियां कभी आपने सुनी क्या सोची भी नहीं होंगी।
वाह रे गोदी मीडिया,वाह मोदी जी क्या हाल कर दिया आपने देश का।
माननीय प्रधानमंत्री जी! अपने पितृभूमि इस्राइल से आपके लौटते ही आपके फ्रेंड ट्रंप ने और आपके पितृभूमि वाले भाई नेतन्याहू ने ईरान के कयी शहरों पर दिनदहाड़े हमला कर दिया है। बम बरसाए जा रहे हैं। नेतन्याहू बोल रहा है कि खामनेई साहब सरेंडर करें वरना हम उन्हें मार देंगे। और प्रधानमंत्री जी आपकी मीडिया उलटे ईरान को गुनहगार ठहरा रही है। रोकिए सर रोकिए। ईरान हमारा बहुत भरोसेमंद दोस्त रहा है। हम बहुत प्राचीन एवं महान सभ्यताएं रहे हैं। कयी बार ईरान गाढ़े वक्त पर भाई की तरह हमारे साथ खड़ा हुआ है। भारतवासी एहसानमंद हैं ईरान के। थोड़ा आप भी हो जाइए।
टीवी पर बेशर्म पत्रकारों की बातें बर्दाश्त के बाहर हो रही हैं। मैं नौजवानों से अपील करता हूं कि इसको इतना प्यार करो कि अगले दिन ये लेटकर आराम फरमाए, टीवी पर दिखाई न दे।
दोस्तों बहुत कठिन वक्त है। दोगले अरब देशों को क्या कहें। तेल की अकूत संपदा से ये ऐयाश और बुजदिल हो गये हैं। अगर ये उठ खड़े हों और अपने देश में अमेरिकी फौजी अड्डों को बंद कर दें तो ईरान अकेला ही इस्राइल और अमेरिका से जंग लड़कर जीत हासिल कर सकता है।
इस पवित्र रमजान में अमेरिकियों और इस्राइलियों ने जो कायराना हमला ईरान पर किया है हम कुदरत से विनती करते हैं कि वह ईरान को विजयी बनाए।











