हरिद्वार। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सेवानिवृत्त मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी को मंगलवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। हरिद्वार स्थित खड़खड़ी श्मशान घाट पर सेना और पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हुआ, माहौल गमगीन हो उठा और हर आंख नम दिखाई दी।
मेजर जनरल खंडूरी की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने अपने प्रिय नेता को श्रद्धासुमन अर्पित किए। “खंडूरी अमर रहें” के नारों के बीच लोगों ने उन्हें एक ईमानदार, कर्मठ और जनहितैषी नेता के रूप में याद किया।
अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री तीर्थ सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, मंत्री गणेश जोशी समेत कई जनप्रतिनिधि, सैन्य अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और आमजन मौजूद रहे। सभी ने खंडूरी के सार्वजनिक जीवन और राज्य निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी ने अपने अनुशासित जीवन, ईमानदार कार्यशैली और विकासवादी सोच से उत्तराखंड की राजनीति में एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि राज्य उनके योगदान को सदैव याद रखेगा।
मेजर जनरल खंडूरी भारतीय सेना में अपनी सेवाओं के साथ-साथ उत्तराखंड की राजनीति में भी साफ-सुथरी छवि और विकास कार्यों के लिए जाने जाते रहे। सड़क, शिक्षा और सुशासन को लेकर उनके प्रयासों को आज भी लोग याद करते हैं। उनकी अंतिम विदाई में उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि जनता के दिलों में बसने वाले जननायक थे।







