देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम शुक्रवार को एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड जुड़ गया। वह उत्तराखंड के पहले भाजपा मुख्यमंत्री बन गए हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में 5 साल का कार्यकाल पूरा किया।
4 जुलाई 2021 को धामी ने पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। फिर 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की दोबारा जीत के बाद उन्हें फिर से कमान सौंपी गई। इस तरह उन्होंने 3 जुलाई 2026 को 5 साल पूरे कर लिए।
10 मार्च 2021: त्रिवेंद्र सिंह रावत की जगह तीरथ सिंह रावत CM बने।
4 जुलाई 2021: 4 महीने बाद तीरथ के स्थान पर धामी को जिम्मेदारी मिली
उस समय धामी की उम्र थी 45 साल 9 महीने 18 दिन। इसके साथ ही वह राज्य के सबसे युवा CM भी बने। इससे पहले यह रिकॉर्ड रमेश पोखरियाल निशंक के नाम था।
2022 चुनाव में खटीमा से चुनाव हारने के बावजूद हाईकमान ने धामी पर भरोसा जताया। पूर्ण बहुमत मिलने के बाद उन्हें दोबारा CM बनाया गया। बाद में चंपावत उपचुनाव में रिकॉर्ड मतों से जीतकर वह विधानसभा पहुंचे।
राज्य की राजनीति में चुनाव हारकर भी दोबारा मुख्यमंत्री बनने का यह पहला मामला है।
धामी के लिए अगला रिकॉर्ड 9 जुलाई को आएगा। प्रदेश में सबसे लंबे समय तक CM रहने का रिकॉर्ड अभी कांग्रेस के नारायणदत्त तिवारी के नाम है – 5 साल 5 दिन।
8 जुलाई को धामी तिवारी की बराबरी करेंगे और 9 जुलाई को उनसे आगे निकलकर सबसे लंबे समय तक CM रहने वाले नेता बन जाएंगे।
धामी से पहले BJP के 6 CM रहे,नित्यानंद स्वामी, भगत सिंह कोश्यारी, रमेश पोखरियाल निशंक, बीसी खंडूड़ी, त्रिवेंद्र सिंह रावत और तीरथ सिंह रावत। इनमें से कोई भी 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया।
धामी के 5 साल पूरे होने पर शनिवार से प्रदेश में “सेवा पखवाड़ा” शुरू होगा। IDPLऋषिकेश में भव्य कार्यक्रम होगा। इसमें लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) मुख्य अतिथि रहेंगे।
धामी राज्य के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो सीधे विधायक से CM बने। उनसे पहले सभी CM या तो मंत्री, सांसद या बड़े प्रशासनिक पद का अनुभव रखते थे।









