रुद्रप्रयाग की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा के भाजपा में शामिल होने पर कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस प्रदेश मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा, कांग्रेस ने इनको क्या नहीं दिया ? पार्टी ने इन्हें हर संभव अवसर और पद दिए, लेकिन इनका अपना जनाधार नहीं था, इसलिए ये चुनाव नहीं जीत पाईं। अब जब पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो ये भाजपा में चली गईं। गरिमा दसौनी ने आगे कहा कि ऐसे लोग जो जनाधार के बिना सिर्फ पद की तलाश में रहते हैं, उनका जाना कांग्रेस के लिए कोई नुकसान नहीं बल्कि पार्टी कोब मजबूत करने का अवसर है।
बता दें कि शनिवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की मौजूदगी में मीना शर्मा और लक्ष्मी राणा सहित कई कांग्रेस नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ली थी। कांग्रेस अब इस
घटनाक्रम को जनाधारहीन नेताओं का जाना बताते हुए इसे हल्का बताने की कोशिश कर रही है। भाजपा की ओर से इसे कांग्रेस के निरंतर टूटने और जनता के बीच भाजपा की बढ़ती स्वीकार्यता के रूप में पेश किया जा रहा है।

विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस से लगातार हो रही बगावत और नेताओं के पलायन ने पार्टी में चिंता बढ़ा दी है, जबकि भाजपा इसे अपने सदस्यता अभियान की सफलता बता रही है। अभी यह देखना बाकी है कि मीना शर्मा और लक्ष्मी राणा जैसे चेहरों की भाजपा में एंट्री आगामी चुनावों में क्या असर डालती है।








