सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर वन विभाग की ओर से खाली प्लॉटों की सूची तैयार कर वहां पर साइनबोर्ड लगाकर उसकी जियो टैगिंग की जा रही है। इसे लेकर लोगों में आक्रोश है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो रहे वन भूमि के सर्वे के विरोध में प्रदर्शन कर रही भीड़ ने हरिद्वार हाइवे और रेल मार्ग जाम कर दिया। लोगों को हटाने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया तो उन्होंने पथराव कर दिया, जिससे कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। पथराव में रेलवे की परिसंपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है।
रविवार को प्रदर्शनकारी मंशा देवी फाटक पर एकत्र हुए और हरिद्वार हाईवे व रेलवे ट्रैक जाम कर किया। दोपहर 12:50 बजे ऋषिकेश रेलवे स्टेशन श्री गंगानगर (राजस्थान) जाने वाली ट्रेन मनसा देवी फाटक से 200 मीटर की दूरी पर खड़ी हो गई। ऋषिकेश आ रही कोच्चिवली एक्सप्रेस को वीरभद्र स्टेशन पर खड़ा कर दिया गया।
वहीं, हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। तमाम समझाने पर भी जब लोग नहीं माने तो करीब चार बजे पुलिस ने लाठियां फटकार कर उन्हें हटाने की कोशिश की। इससे भीड़ उग्र हो गई और पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने बलपूर्वक प्रदर्शनकारियों को हटाकर करीब छह बजे ट्रैक सुचारु कराया। श्रीगंगानगर एक्सप्रेस करीब छह घंटे तक रुकी रही।
22 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया था। पशुलोक सेवा समिति की खाली भूमि को चिह्नित कर अधिग्रहण करना है। इसकी रिपोर्ट तैयार करने के लिए सर्वे किया जा रहा है। रिपोर्ट कोर्ट में रखी जाएगी।
-अमित कंवर, प्रभारी डीएफओ
पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। शांति व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला है। पथराव करने वालों को वीडियो के माध्यम से चिह्नित कर रहे हैं। उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-अजय सिंह, एसएसपी








