Thursday, August 13, 2026
  • Privacy Policy
  • Term & Condition
  • Contact
Uk Details
  • Home
  • ट्रेंडिंग
  • एक्सक्लूसिव
  • खुलासा
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • हेल्थ
  • हादसा
  • हाईकोर्ट न्यूज
  • अपराध
  • खेल
No Result
View All Result
Uk Details
Home एक्सक्लूसिव

निंदनीय : नहीं थम रही मित्र पुलिस की दादागिरी, पत्रकारों की हो रही गिरफ्तारी, मीडिया संगठनों में आक्रोश

December 15, 2025
in एक्सक्लूसिव
0
निंदनीय : नहीं थम रही मित्र पुलिस की दादागिरी, पत्रकारों की हो रही गिरफ्तारी, मीडिया संगठनों में आक्रोश
Share on FacebookShare on Whatsapp

 

उत्तराखंड पुलिस की दादागिरी और मनमानी की कहानी कोई नई नहीं है। आए दिन सोशल मीडिया पर पुलिस प्रताड़ना से जुड़े वीडियो और मामले सामने आते रहते हैं, जिनसे आम जनता का भरोसा लगातार कमजोर होता जा रहा है। ताजा घटनाक्रमों ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Related posts

दुखद : कीर्तिनगर पुल से महिला ने लगाई अलकनंदा नदी में छलांग, रेस्क्यू अभियान जारी

दुखद : कीर्तिनगर पुल से महिला ने लगाई अलकनंदा नदी में छलांग, रेस्क्यू अभियान जारी

May 4, 2026
आरटीआई खुलासा : स्वास्थ्य विभाग में अपंजीकृत और अयोग्य डॉक्टरों की तैनाती पर सवाल!,“पोस्टिंग सिंडिकेट” के आरोपों से मचा हड़कंप

आरटीआई खुलासा : स्वास्थ्य विभाग में अपंजीकृत और अयोग्य डॉक्टरों की तैनाती पर सवाल!,“पोस्टिंग सिंडिकेट” के आरोपों से मचा हड़कंप

May 4, 2026

पिथौरागढ़ में लक्ष्मी दत्त जोशी के साथ नग्न कर मारपीट के मामले में पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने पूर्व एसपी लोकेश्वर सिंह को दोषी माना है। इस फैसले के बाद लोकेश्वर सिंह की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं। यह मामला पहले ही पुलिस विभाग की छवि को झकझोर कर चुका है।

इसी कड़ी में कोटद्वार के पत्रकार सुभांशु थपलियाल की गिरफ्तारी ने उत्तराखंड पुलिस को कठघरे में खड़ा कर दिया था । पत्रकार ने पौड़ी के पूर्व एसपी लोकेश्वर सिंह, चंद्रमोहन सिंह, इंस्पेक्टर रमेश तनवर समेत कुल 7 पुलिस कर्मियों के खिलाफ पुलिस शिकायत प्राधिकरण, देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी।

प्राधिकरण ने पत्रकार द्वारा प्रस्तुत तथ्यों को स्वीकार करते हुए सभी संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सुनवाई शुरू कर दी है और जल्द ही इस मामले में फैसला आने की संभावना जताई जा रही है।

पुलिस ने पत्रकार को ही उठा लिया

बताया जा रहा है कि जनवरी 2025 में कोटद्वार में एक कार सवार ने एक युवती को टक्कर मार दी थी। हादसे में युवती अंजली की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि आरोपी चालक फरार हो गया । जब पुलिस 12 दिन बाद भी आरोपी को पकड़ने में नाकाम रही, तो पीड़िता की मां ने पत्रकार सुभांशु थपलियाल से मदद की गुहार लगाई। पत्रकार ने इस मामले को लेकर अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट साझा की। फेसबुक पोस्ट के बाद पुलिस हरकत में आई , लेकिन कार्रवाई आरोपी के बजाय पत्रकार पर हुई । देर रात सात पुलिसकर्मी पत्रकार के घर पहुंचे और उन्हें कोटद्वार थाने ले जाया गया । यहाँ पत्रकार के खिलाफ मानहानि समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें पूरी रात लॉकअप में रखा गया । पत्रकार ने अपनी गिरफ्तारी को अवैधानिक और बदले की भावना से प्रेरित बताया । इस ख़बर को उत्तराखंड हिंदी समाचार ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। हालांकि, पत्रकार की पोस्ट के दबाव में पुलिस सक्रिय हुई और पत्रकार की गिरफ्तारी के अगले ही दिन आरोपी कार चालक को पकड़ लिया गया। यह तथ्य अपने आप में पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े करता है।

अब पिथौरागढ़ के नग्न मारपीट मामले के बाद कोटद्वार पत्रकार गिरफ्तारी प्रकरण ने भी पूर्व एसपी लोकेश्वर सिंह की परेशानी बढ़ा दी है। आम लोग कह रहे हैं कि लोकेश्वर सिंह अपने ही फैसलों और मामलों की वजह से चारों ओर से घिरते जा रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पिथौरागढ़ के बाद कोटद्वार मामला उनके लिए कितना भारी साबित होता है।

वहीं केशव थलवाल का मामला किसी से छिपा नहीं है, जहां पुलिस हिरासत के दौरान उन्हें पेशाब पिलाने सहित अनेक अमानवीय यातनाएं दी गई हैं। इसकी जांच रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है।

कुल मिलाकर, इन मामलों ने पुलिस विभाग की साख को गहरी चोट पहुंचाई है। सवाल यह है कि क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या फिर यह मामले भी फाइलों में दबकर रह जाएंगे।

वहीं प्रदेश के सभी मीडिया संगठनों ने पुलिस की अवैधानिक कार्रवाई की मांग को लेकर सरकार को चेतावनी दी है, कि यदि अति शीघ्र दोषी पुलिस अधिकारियों कार्रवाई नहीं हुई और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार किया जाएगा, तो पत्रकार संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

Previous Post

देखें वीडियो : बिन बरसात नदी में आई बाढ़, पांच लोग फंसे

Next Post

ऋषिकेश : 7 साल के कुत्ते की ले ली पशु अस्पताल ने जान, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी ने लगा दिए चार इन्जेकशन

Next Post
ऋषिकेश  : 7 साल के कुत्ते की ले ली पशु अस्पताल ने जान, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी ने लगा दिए चार इन्जेकशन

ऋषिकेश : 7 साल के कुत्ते की ले ली पशु अस्पताल ने जान, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी ने लगा दिए चार इन्जेकशन

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RECOMMENDED NEWS

सराहनीय : SGRR का फार्माकोलॉजी विभाग जगा रहा है ड्रगरिएक्शन से बचाव की अलख

सराहनीय : SGRR का फार्माकोलॉजी विभाग जगा रहा है ड्रगरिएक्शन से बचाव की अलख

3 years ago

बड़ी खबर : सीम धामी ने जारी करी 18 राज्य मंत्रियों की दूसरी सूची, इन नेताओं को मिले दायित्व

1 year ago
बड़ी खबर : बागेश्वर सरकार का दिव्य दरबार चार नवंबर को लगेगा देहरादून में

बड़ी खबर : बागेश्वर सरकार का दिव्य दरबार चार नवंबर को लगेगा देहरादून में

3 years ago
खौफ : मुख्तार को क्यों सता रहा है डर

खौफ : मुख्तार को क्यों सता रहा है डर

3 years ago

BROWSE BY CATEGORIES

  • Uncategorized
  • अपराध
  • एक्सक्लूसिव
  • खुलासा
  • खेल
  • ट्रेंडिंग
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • हाईकोर्ट न्यूज
  • हादसा
  • हेल्थ

POPULAR NEWS

  • खुशखबरी :- उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने खोला युवाओं के लिए नौकरीयों का पिटारा

    खुशखबरी :- उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने खोला युवाओं के लिए नौकरीयों का पिटारा

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • खुशखबरी : आउटसोर्सिंग के माध्यम द्वारा होने जा रही हैं उत्तराखंड में बड़ी भर्तियां

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • ब्रेकिंग : 2 अगस्त से आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों के लिए बड़ी अपडेट , शिक्षा मंत्री से इन दो मांगों पर बनी सहमति

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • बिग ब्रेकिंग : विवादित मशरूम गर्ल दिव्या रावत गिरफ्तार

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • ब्रेकिंग : पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर हाई कोर्ट से अहम खबर

    0 shares
    Share 0 Tweet 0

Uk Details

Uk Details

Uk Details

News & Media Website

Uk Details is a News & Media Website .

Follow us on social media:

Recent News

  • सरकार बहादुर पार्ट 3 : सरकार को नहीं सरोकार, उत्तराखंड की मुस्लिम बेटी नहीं जा पाई करियर बनाने के लिए
  • तमक नाला हादसा  : लापता शख्स की तलाश तीसरे दिन भी जारी, रेस्क्यू में जुटीं 6 एजेंसियां
  • सरकार बहादुर पार्ट 2 : मुख्यमंत्री की नई कोचिंग योजना में रोजगार, जमीन पर बेरोजगारी” बेरोजगार बोले – “कोचिंग से पेट नहीं भरता, नौकरी दो”

Category

  • Uncategorized
  • अपराध
  • एक्सक्लूसिव
  • खुलासा
  • खेल
  • ट्रेंडिंग
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • हाईकोर्ट न्यूज
  • हादसा
  • हेल्थ

Recent News

सरकार बहादुर पार्ट 3 : उत्तराखंड की बेटा सायरा सरकार की नितियों से परेशान, सोशल मीडिया पर हो रहा वीडियो वायरल  देहरादून। उत्तराखंड की बेटी सायर ने नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर पूरे राज्य का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। देहरादून के CNI Girls School की कक्षा 12 की छात्रा सायरा ने अपनी मेहनत से इंटरनेशनल स्पर्धा के लिए भी क्वालीफाई किया। लेकिन सरकार की गलत नीतियों और उदासीनता की वजह से उसका सपना अधूरा रह गया।  10 अगस्त 2026 को देहरादून में हुए ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में जब सायरा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने पहुंची तो उसकी आंखें भर आईं। उसने बताया कि इंटरनेशनल टूर्नामेंट में जाने के लिए डेढ़ लाख रुपये चाहिए थे। घर की हालत ऐसी नहीं थी कि इतनी रकम जुटा पाती। नतीजा ये हुआ कि देश के लिए खेलने का मौका हाथ से चला गया।  यही है सरकार की “खेल नीति” की सच्चाई। एक तरफ ढोल पीटा जाता है “खेलो इंडिया” का, दूसरी तरफ गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ी को बुनियादी मदद के लिए भी तरसना पड़ता है। सायरा के जिले में आज तक एक भी सरकारी ताइक्वांडो सेंटर नहीं बना। प्रैक्टिस के लिए हर महीने 8000 रुपये प्राइवेट हॉल को देने पड़ते हैं। बरसात में सरकारी स्टेडियम बंद रहते हैं या वीआईपी के नाम बुक रहते हैं। नेशनल के बाद मिलने वाला यात्रा भत्ता और प्रोत्साहन राशि आज भी फाइलों में अटकी है।  सायरा के माता-पिता ने कर्ज लेकर बेटी को नेशनल तक पहुंचाया। उन्हें उम्मीद थी सरकार सहयोग करेगी। लेकिन जब मदद मांगी तो जवाब मिला बजट नहीं है। वहीं जीत के बाद अफसर और नेता फोटो खिंचवाकर “बेटी बचाओ” का भाषण दे देते हैं।  सायरा का सवाल सरकार से सीधा है। अगर एक नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट को डेढ़ लाख की कमी के कारण पीछे बैठना पड़े तो आम खिलाड़ी क्या करेगा? खिलाड़ियों और अभिभावकों की मांग है कि तुरंत हर जिले में फ्री कोचिंग, समय पर किट और भत्ता, और इंटरनेशनल जाने वाले खिलाड़ियों के लिए फंड की व्यवस्था हो।  साफ है सरकार को मेडल से मतलब है, खिलाड़ी से नहीं। जब तक नीतियां कागजों तक सीमित रहेंगी, सायरा जैसी बेटियां गोल्ड जीतकर भी अपने सपने बेचने को मजबूर रहेंगी। सायरा एक एनसीसी कैडेट भी है, सरकार खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के खोखले दावे करती है, इन दावों में कितना दम है यह धरातल पर पता चल रहा है।

सरकार बहादुर पार्ट 3 : सरकार को नहीं सरोकार, उत्तराखंड की मुस्लिम बेटी नहीं जा पाई करियर बनाने के लिए

August 13, 2026
तमक नाला हादसा  : लापता शख्स की तलाश तीसरे दिन भी जारी, रेस्क्यू में जुटीं 6 एजेंसियां

तमक नाला हादसा  : लापता शख्स की तलाश तीसरे दिन भी जारी, रेस्क्यू में जुटीं 6 एजेंसियां

August 13, 2026
  • Privacy Policy
  • Term & Condition
  • Contact

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

No Result
View All Result
  • Home
  • ट्रेंडिंग
  • एक्सक्लूसिव
  • खुलासा
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • हेल्थ
  • हादसा
  • हाईकोर्ट न्यूज
  • अपराध
  • खेल

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.