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नैनीताल: हाई कोर्ट ने दी वन विभाग में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत

December 11, 2025
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नैनीताल: हाई कोर्ट ने दी वन विभाग में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत
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उत्तराखंड हाईकोर्ट ने वन विभाग में कार्यरत करीब 2 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन जिस हैड (मद) से आता है, उस हैड में बदलाव की वजह से उनकी सेवाओं को समाप्त करने के आदेश को चुनौती देती याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने उस आदेश पर रोक लगाते हुए उनसे नियमित सेवा लेना को कहा है, अगर पद और कार्य उपलब्ध हो।

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मामले के अनुसार, वन विभाग में कार्यरत दिनेश चौहान और करीब 300 आउटसोर्स से लगे कर्मचारियों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा है कि विभाग ने उनकी सेवाओं को यह कहते हुए समाप्त कर दिया है कि उनका वेतन एक अलग मद से आता है। उस मद में बदलाव आने की वजह से उनकी सेवाएं समाप्त की गई हैं। यही नहीं, विभाग उनसे नियमित सेवाएं नहीं ले रहा है। हुए सुनवाई पर राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि उनका कोई फाइनेंशियल मद नहीं है। इसलिए सरकार ने निर्णय लिया है कि इनसे सेवाएं नहीं ली जा सकती हैं।

फरवरी 2023 में कोर्ट ने उनकी सेवाएं समाप्त करने के आदेश पर अंतरिम आदेश पारित किया था। जिस पर कोर्ट ने आज कर्मचारियों के हक में फैसला देते हुए यह निर्णय दिया। इस आदेश का लाभ वन विभाग में आउटसोर्स से कार्यरत 2000 कर्मचारियों को मिलेगा।

ये है मामला 
तत्कालीन अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने पद के सापेक्ष आउटसोर्सिंग पर ली गई सेवाओं आदि का भुगतान पारिश्रमिक (दैनिक) के माध्यम से किए जाने के निर्देश दिए थे। जबकि, आउटसोर्सिंग कर्मियों पर होने वाले मद 27 के तहत भुगतान करने का प्रावधान है। इस आदेश पत्र के जारी होन के बाद प्रदेश के कई आउटसोर्स और पीआरडी कर्मचारियों को मौजूदा वेतन मिलने में परेशानी खड़ी हो गई थी। ऐसे में कई सालों से काम कर रहे कर्मचारियों के रोजगार पर भी संकट खड़ा हो गया था।

इस मामले को लेकर देहरादून वन विभाग कार्यालय परिसर पर आउटसोर्स कर्मचारियों ने जबरदस्त विरोध भी किया था। वहीं वेतन न मिलने से परेशान देहरादून डीएफओ कार्यालय में तैनात एक आउटसोर्स कर्मचारी ने आत्महत्या का प्रयास भी किया था। अब इस मामले पर हाईकोर्ट ने सेवा समाप्त करने वाले आदेश पर रोक लगाते हुए 2 हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मियों को बड़ी राहत दी है।

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