उधमसिंह नगर। जिले के खटीमा से ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां थारू जनजाति के एक व्यक्ति को जमीन में 100 किलो सोना दबा होने का झांसा देकर 20 लाख रुपये ठग लिए गए।
15 साल पहले खरीदी थी जमीन
जानकारी के अनुसार पीड़ित उमेश की नौगवांठग्गू गांव में जमीन है, जिसे उन्होंने करीब 15 साल पहले खेती के लिए खरीदा था। नवंबर 2025 में उन्होंने अपनी जमीन का एक हिस्सा 20 लाख रुपये में बेचा था। इसकी जानकारी उनके एक परिचित को हुई तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर ठगने की योजना बनाई।
आरोपियों ने उमेश को बताया कि उसकी जमीन में ‘माया’ दबी है, जिसमें करीब 100 किलो सोना है। विश्वास दिलाने के लिए उन्होंने पहले उसकी जमीन में कुछ ग्राम सोना दबा दिया और फिर कथित तांत्रिक को बुलाकर पूजा कराई। पूजा के बाद खुदाई में वही सोना निकला। उमेश ने उसकी जांच कराई तो वह असली निकला, जिससे उसे आरोपियों पर पूरा भरोसा हो गया।
घड़े में मरा सांप निकालकर रचा नया जाल
भरोसा जीतने के बाद आरोपियों ने दूसरा जाल बुना। एक घड़े में मरा हुआ सांप रखकर उसे जमीन में दबा दिया गया। दोबारा पूजा और खुदाई में वह घड़ा निकला। तब कथित तांत्रिक ने उमेश को बताया कि जमीन में दबी माया की सुरक्षा नागराज कर रहा था, लेकिन उसकी मृत्यु हो गई है। माया पाने के लिए नागराज को मुक्ति और मोक्ष दिलाना जरूरी है।
इसके लिए गौ मणि और हिमालय की कस्तूरी से विशेष पूजा कराने की बात कही गई और खर्च 20 लाख रुपये बताया गया। आरोपियों ने उमेश को किसी से चर्चा न करने की कसम भी दिलाई।
हरिद्वार में पूजा के नाम पर गंगा में विसर्जन
जमीन बेचने से मिले 20 लाख रुपये उमेश ने पूजा के नाम पर दे दिए। इसके बाद आरोपी उसे हरिद्वार ले गए, जहां मरे सांप की मुक्ति के नाम पर पूजा कराकर गंगा में विसर्जन कर दिया गया।
आत्महत्या के प्रयास के बाद खुला राज
रकम गंवाने और माया नहीं मिलने से उमेश परेशान रहने लगा, लेकिन कसम के कारण उसने परिजनों को कुछ नहीं बताया। करीब एक माह पहले परेशान होकर उसने आत्महत्या का प्रयास किया। इसके बाद उसने पूरी घटना परिजनों को बताई। तब उसके पुत्र रणधीर ने कोतवाली में आठ लोगों के नाम रिपोर्ट दर्ज कराई।
सीओ नीरज सेमवाल ने बताया कि पूजा-पाठ के नाम पर 20 लाख रुपये ठगने की बात सामने आई है। कथित तांत्रिक की मृत्यु हो चुकी है और मामले की जांच की जा रही है।











