बाजार से करोड़ों रुपए का हर माह विज्ञापन बटोरने वाले अखबार में कार्य करने वाले एंप्लॉई इस वक्त नींबू खरीदने के लायक नहीं रहा गए है। एक बड़े अखबार, जो कि एक एजेंसी के माध्यम से अपनी खबरों को प्रकाशित करता है, उसने अपने एम्पलाई को मई माह में 175 रुपये का इंक्रीमेंट दिया है।
जोश के साथ सच की आवाज उठाने वाले अखबार के एम्प्लॉई का होगा इंक्रिमेंट के बाद से ठंडा पड़ा गया है। अप्रैल माह की तनख्वाह से साथ कंपनी की ओर से पत्रकारों को इंक्रीमेंट का तोहफा दिया गया।
लोगों को उम्मीद थी विभिन्न आयोजनों के जरिए करोड़ों रुपए बटोरने वाले अखबार में भी अच्छी इंक्रीमेंट मिलेगा, लेकिन जब एक मई को मजदूर दिवस वाले दिन तनख्वाह आई तो पुरानी और नई तनख्वाह में 175 की बढ़ोतरी देखकर पत्रकार हैरान रह गए। लोगों के मुंह से निकल गया कि जिस दौर में 15 रुपये में एक नींबू मिल रहा है, उस समय में 175 रुपए का इंक्रीमेंट बताता है कि जीवन में खाना पीना छोड़ कर सिर्फ नींबू पीजिए और लगे रहिए अखबार को आगे बढ़ाने में …
बनारस यूनिट से जुड़े ब्यूरो कार्यालय में कर्मियों की तनख्वाह वृद्धि को लेकर तमाम उपहास भी कर्मचारी आपस में उड़ा रहे हैं। विरोध के स्वर उठाने नौकरी से निकाल दिए जाने के डर भले ही एंप्लॉई आवाज ना उठाते लेकिन कंपनी के अधिकारियों लानत दे रहे है। सवाल कर रहे हैं जो तनख्वाह या मानदेय आज दिया जा रहा है क्या वाकई में लोग अपने परिवार का पेट पाल सकेंगे। कहां से सच के लिए जोश लेकर आयेंगे!








