रिपोर्ट – हरीश चन्द्र
रुद्रप्रयाग/ऊखीमठ। बाबा केदारनाथ की पंच गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में शुक्रवार से चल रही ढोल वादकों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शनिवार को समाप्त हो गई। केदारनाथ बद्रीनाथ मंदिर समिति के आश्वासन के बाद वादकों ने हड़ताल वापस ले ली।
अपनी 5 मांगों को लेकर विरेन्द्र लाल, विजय लाल, विजयपाल, राजू लाल और सतेश्वरी देवी सहित 6 परिवारों के ढोल वादक भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनकी मुख्य मांगें वेतन में बढ़ोतरी, नियमितीकरण, परंपरागत हकों को लागू करना और बाजीगर समाज के साथ भेदभाव बंद करना थीं।
शनिवार को केदारनाथ बद्रीनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी और उपाध्यक्ष विजय कपूरवाण ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे सभी वादकों से मुलाकात की और वीडियो के माध्यम से आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों को अगले महीने होने वाली मंदिर समिति की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा और जल्द समाधान किया जाएगा।

अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि ढोल वादकों की मांगें जायज हैं। उनकी वेतन में बढ़ोतरी की जाएगी और मंदिर समिति की ओर से रहने के लिए एक कमरा भी दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वार्ड नंबर एक गांधीनगर के सतपाल जो पूर्व में भगवान मध्यमहेश्वर की चल विग्रह डोली के साथ ढोल वादक के रूप में गए थे और जिनका हृदय गति रुकने से निधन हो गया था, उनके परिवार को भी उचित धनराशि और लाभ दिया जाएगा। साथ ही सभी ढोल वादकों की नियुक्ति के लिए शासन प्रशासन को रिक्तियां भेजी जाएंगी ताकि उनका नियमितीकरण हो सके।
मंदिर समिति के आश्वासन पर भरोसा करते हुए ढोल वादक विरेन्द्र लाल और विजय लाल ने भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने सभी वादकों को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।
इस मौके पर राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, मंदिर समिति उपाध्यक्ष विजय कपूरवाण, नव निर्वाचित सभासद चंद्रमोहन उखियाल और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।







