हालांकि पेट्रोल-डीजल की भारी कमी का असर देशभर में दिख रहा है लेकिन उत्तराखंड के नैनीताल में पेट्रोल पंप पर तेल की लिमिट तय की गई है। इन दिनों शहर में बड़ी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण डीजल-पेट्रोल की खपत बढ़ रही है। ऐसे में पंपों का स्टॉक भी जल्दी खत्म होने लगा हैइससे बचने केा लिए यहां सूखाताल पंप पर वाहन चालकों को सीमित मात्रा में तेल दिया जा रहा है।
नैनीताल इन दिनों पर्यटन की वजह से ही नहीं, बल्कि पेट्रोल-डीजल की सीमित सप्लाई को लेकर भी चर्चा में हैबाहरी राज्यों से अपने वाहनों में बड़ी संख्या में पहुंच रहे पर्यटकों के वाहनों में ईंधन की खासा खपत हो रही है। जिस वजह से बीते शनिवार से कई घंटों तक दोनों पंपों पर पेट्रोल नहीं मिल पाया। सुबह पंप खुलने के बाद के दो से तीन घंटों में स्टॉक खत्म होने लगा है।
दोपहिया वाहनों को 200 और कार को 500 का तेल
लोकल टैक्सी चालकों, व्यापारियों और आम लोगों का कहना है कि सूखाताल स्थित पेट्रोल पंप पर दोपहिया वाहनों को केवल 200 रुपये तक का पेट्रोल दिया जा रहा है, जबकि टैक्सी और चारपहिया वाहनों को 500 रुपये से अधिक का तेल नहीं मिल रहा है। वहीं पंप कर्मचारियों का कहना है कि हाल ही में पंप में निर्माण कार्य कराया था, जिसके बाद एक टैंक में तकनीकी खराबी आ गई। इस वजह से तेल की मात्रा सीमित करनी पड़ी है।
दोपहिया वाहनों को 200 और कार को 500 का तेल
लोकल टैक्सी चालकों, व्यापारियों और आम लोगों का कहना है कि सूखाताल स्थित पेट्रोल पंप पर दोपहिया वाहनों को केवल 200 रुपये तक का पेट्रोल दिया जा रहा है, जबकि टैक्सी और चारपहिया वाहनों को 500 रुपये से अधिक का तेल नहीं मिल रहा है।
वहीं पंप कर्मचारियों का कहना है कि हाल ही में पंप में निर्माण कार्य कराया था, जिसके बाद एक टैंक में तकनीकी खराबी आ गई। इस वजह से तेल की मात्रा सीमित करनी पड़ी है।
बहरहाल मामले को लेकर वाहन चालकों में आक्रोश है।







