रुद्रपुर। ऊधमसिंहनगर के किच्छा की ग्राम पंचायत दरऊ की प्रधान नाजिया बी पर जेल में निरुद्ध रहने के बावजूद डिजिटल सिग्नेचर के दुरुपयोग से लाखों रुपये के भुगतान कराने का आरोप है।
किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने इसका खुलासा किया है। सीडीओ ने डीपीआरओ को तीन दिन में जांच के आदेश दिए हैं।
विधायक बेहड़ ने दावा किया कि नाजिया बी 13 दिसंबर 2025 से धोखाधड़ी के एक मामले में पौड़ी जेल में बंद हैं, इसके बावजूद 30 दिसंबर 2025 से 24 फरवरी 2026 के बीच 14 बिलों के माध्यम से कुल 10,39,535 रुपये का भुगतान डिजिटल सिग्नेचर (डीएससी) से किया गया। भुगतान की तिथियों में 30 दिसंबर को 28,000 रुपये, 5 जनवरी को 10,500, 7 जनवरी को 11,655, 14 जनवरी को तीन भुगतानों में 1,53,537, 1,86,641 और 1,72,483 रुपये, 3 फरवरी को 88,129, 2,14,750 और 10,580 रुपये, 17 फरवरी को 11,700 और 7,060 रुपये तथा 24 फरवरी को 46,500, 49,500 और 49,500 रुपये शामिल हैं। बेहड़ का आरोप है कि दो फरवरी को नाजिया बी के नाम से एक कथित पत्र तैयार कर पांव में फ्रैक्चर का हवाला देते हुए उनके पति गफ्फार खां को प्रतिनिधि नियुक्त दिखाया गया और इसी आधार पर भुगतान कराया गया।
उनकाकहना है कि जेल जाने के बाद डिजिटल सिग्नेचर तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जिससे अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है। विधायक ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर तीन दिन के भीतर इस मामले में जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह जिलाधिकारी कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे। विधायक बेहड़ ने कहा कि नाजिया बी की ओर से दिए गए कथित पत्र में किसी अधिकारी का नाम नहीं है। इस पत्र में ही उन्होंने अपने पति गफ्फार खां को प्रतिनिधि बनाया है। यह पत्र किसी अधिकारी को संबोधित नहीं है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर नियमों को ताक पर रखकर इस पत्र के आधार पर कैसे डीएससी का दुरुप्रयोग कर बिलों का भुगतान किया गया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में ब्लॉक स्तर के नीचे से लेकर ऊपर तक के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
विधायक बेहड़ ने कहा कि नाजिया बी के खिलाफ पूर्व में धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने ग्राम प्रधान चुनाव के दौरान दाखिल शपथपत्र में इन मामलों का उल्लेख था या नहीं, इसकी भी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पूर्व जब नाजिया के पति गफ्फार खां का नाम बरेली में असलहों के साथ पकड़े गए अभियुक्तों में लिया गया था और पुलिस ने इसका खुलासा किया तो पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा था कि सच सामने आ जाएगा। अब सच सामने आ गया है। अब वह इस सच का सामना करें। उन्होंने बताया कि नाजिया बी के खिलाफ कोतवाली कोटद्वार में एफआईआर संख्या 0173 (धारा 406, 420), एफआईआर संख्या 0120 (धारा 420, 467, 468, 471) तथा वर्ष 2025 में एफआईआर संख्या 0060 (2/3 गैंगस्टर एक्ट) दर्ज है। बेहड़ ने पंचायत सचिव समेत ब्लॉक स्तर से ऊपर तक के अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वहीं सीडीओ दिवेश शाशनी ने कहा कि दरऊ ग्राम पंचायत का संबंधित प्रकरण संज्ञान में आया है। डीएसएसी का प्रयोग दूसरा व्यक्ति नहीं कर सकता है। इस मामले में डीपीआरओ को जांच के आदेश दिए हैं। तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार इस प्रकरण पर कार्यवाही की जाएगी।











