उत्तर प्रदेश। प्रतापगढ़ में पीएम किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है। वर्ष 2019-20 में फर्जी दस्तावेज और डायरेक्ट एंट्री के जरिए 4.45 लाख लोगों ने योजना में अपना पंजीकरण करा लिया था। मामले की जांच में 1700 से ज्यादा आईपी एड्रेस भी फर्जी पाए गए हैं।
कृषि निदेशालय दिल्ली, केंद्रीय सतर्कता आयोग और पुलिस की संयुक्त जांच के बाद पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ है। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि जब तक विभाग को गड़बड़ी का पता चलता, तब तक 3.75 लाख लोगों को तीन-तीन किस्तों में 2.25 अरब रुपये और 75 हजार लोगों को छह किस्तों में 90 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका था। इस तरह कुल 3.15 अरब रुपये की सरकारी राशि फर्जी तरीके से हड़प ली गई।
उप कृषि निदेशक अश्विनी सिंह की शिकायत पर साइबर थाने में बीएनएस की छह और आईटी एक्ट की दो धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े लोगों की तलाश में जुट गई है और आरोपियों से पूरी रकम की वसूली की तैयारी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार इस फर्जीवाड़े में सबसे ज्यादा नाम प्रतापगढ़ की कुंडा तहसील के हैं, जबकि प्रयागराज, कौशांबी, अमेठी और सुल्तानपुर के लोग भी इसमें शामिल हैं।








