देहरादून। मार्च फाइनल के आखिरी घण्टों में शासन ने आयुर्वेद विवि के कुलपति व कुलसचिव के वेतन पर रोक लगा दी।
शनिवार को वित्त विभाग ने आयुर्वेद विवि के कर्मचारियों के वेतन व अन्य मदों के लिए नौ करोड़ की धनराशि जारी कर दी। लेकिन कुलपति डॉ अरुण त्रिपाठी व कुलसचिव राम जी शरण शर्मा के वेतन पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी।
गौरतलब है कि आयुर्वेद विवि में विभिन्न गड़बड़ियों को देखते हुए सीएम धामी ने इस बाबत कड़े निर्देश जारी किए थे।
अपर सचिव विजय जोगदंड की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि अवमुक्त की जा रही धनराशि की स्वीकृति उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति तथा कुलसचिव (रजिस्ट्रार) के वेतन को अग्रिम आदेशों तक रोकते हुए निर्गत की जा रही है।
आदेश में कहा गया है कि कुलपति एवं कुलसचिव, उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के वेतन आहरण किये जाने पर अन्तिम निर्णय वित्त विभाग के स्तर से पृथक से किया जायेगा। वित्त विभाग के निर्णय तक किसी भी दशा में कुलपति एवं कुलसचिव का वेतन आहरण नहीं किया जायेगा।
जारी आदेश में अवमुक्त नौ करोड़ की धनराशि के सदुपयोग की विशेष हिदायत दी है।