देहरादून। महिला अस्पताल एनपीपीएल की बड़ी लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि एक एंबुलेंस चालक ने खुद ही मरीज रेणू दास को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों के मुताबिक, रेणू दास को देहरादून के दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया था, लेकिन ले जाने से पहले ही चालक ने कह दिया कि रेणू की मौत हो चुकी है। इसके बाद परेशान परिजन उसे वापस घर ले आए और अंतिम संस्कार कर दिया।
नियमानुसार रेणू को या तो दूसरे अस्पताल ले जाना चाहिए था या फिर वापस महिला अस्पताल एनपीपीएल लाया जाना चाहिए था, लेकिन दोनों में से कुछ नहीं किया गया।
मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भटक रही विकलांग सास
इस लापरवाही का खामियाजा अब रेणू दास की विकलांग सास सावित्री देवी भुगत रही हैं। रेणू का मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है।
सावित्री ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने प्रमाण पत्र बनाने के लिए एंबुलेंस चालक का आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज मांगे हैं। जबकि एंबुलेंस खुद एनपीपीएल ने ही बुक की थी, लेकिन चालक दस्तावेज देने से मना कर रहा है।
विकलांग होने के बावजूद सावित्री पिछले डेढ़ महीने से अस्पताल के चक्कर काट रही हैं, लेकिन अभी तक प्रमाण पत्र नहीं बना है।











