देहरादून। उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के अंदर से ही बड़ा सियासी बयान सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा है कि अगला विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राम मंदिर के नाम पर लड़ा जाएगा।
हैरानी की बात ये है कि इस दौरान उन्होंने मौजूदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का नाम तक नहीं लिया, जिससे सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने हमेशा से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और सनातन संस्कृति के उत्थान के लिए किए गए काम ही बीजेपी की असली ताकत हैं। चुनाव इन्हीं मुद्दों पर होगा।
उनके इस बयान को सीएम धामी के लिए झटका माना जा रहा है। क्योंकि आमतौर पर चुनाव में मौजूदा मुख्यमंत्री के चेहरे और उनके कामों को आगे रखा जाता है, लेकिन पूर्व सीएम ने सीधे तौर पर मोदी और राम मंदिर का नाम लेकर इशारा कर दिया कि चुनाव में स्थानीय चेहरा नहीं बल्कि राष्ट्रीय मुद्दे ही हावी रहेंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पूर्व सीएम का धामी का नाम न लेना महज संयोग नहीं है। इसके पीछे पार्टी के अंदर चल रही अंदरूनी खींचतान भी एक बड़ी वजह हो सकती है। वहीं कांग्रेस ने भी इस पर चुटकी लेते हुए कहा है कि बीजेपी खुद ही अपने मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं कर रही है, इसलिए उसे मोदी और राम मंदिर के सहारे चुनाव लड़ना पड़ रहा है।
यहां बता दें कि तीरथ सिंह रावत को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद से इसलिए हटाया गया क्योंकि वे संवैधानिक संकट में फंस गए थे
तीरथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें 6 महीने के भीतर (10 सितंबर 2021 तक) राज्य विधानसभा का सदस्य चुना जाना जरूरी था। कोविड-19 महामारी और एक साल से कम कार्यकाल बचा होने के कारण चुनाव आयोग ने खाली सीटों पर उपचुनाव कराने का फैसला नहीं लिया था।
इसके चलते वे तय समय में विधायक नहीं बन सकते थे, इसलिए उन्हें 2 जुलाई 2021 को महज 52 दिन सीएम रहने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।
तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे के बाद पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड का नया मुख्यमंत्री बनाया गया। जिसकी टीस कहीं ना कहीं पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के दिल में अभी भी है।












