उत्तर प्रदेश के संभल जिले से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां 16 साल की एक नाबालिग किशोरी की शादी 50 साल के अधेड़ विधुर से कराने की तैयारी चल रही थी। आरोप है कि इसके लिए लड़की के परिवार ने 5 लाख रुपये लिए थे। शादी की हल्दी की रस्म पूरी हो चुकी थी और 15 अक्टूबर को बारात आनी थी, लेकिन समय रहते सूचना मिलने पर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर शादी रुकवा दी और किशोरी को बचा लिया।
बिचौलिए के घर रचाई जा रही थी साजिश
यह पूरा मामला नखासा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक शादी किशोरी के घर नहीं, बल्कि एक बिचौलिए के घर में कराई जा रही थी। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन (JRC) की सहयोगी संस्था प्रयत्न को इसकी सूचना मिली। सूचना पर प्रयत्न, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमारी की।
टीम को देखकर लड़की के परिजन और बिचौलिया मौके से फरार हो गए। घर में केवल किशोरी मिली, जिसे तुरंत रेस्क्यू कर वन स्टॉप सेंटर भेजा गया।
किशोरी ने कहा “मुझे पता ही नहीं था मेरी शादी हो रही है”
पुलिस को दिए बयान में किशोरी ने बताया कि उसे बहला-फुसलाकर यहां लाया गया था। उसे इस बात का पता ही नहीं था कि उसकी शादी कराई जा रही है। मौके पर पहुंचने के बाद उसे पता चला कि उसकी हल्दी की रस्म होने वाली है।रेस्क्यू के बाद किशोरी ने टीम से कहा, “आप लोगों ने समय पर आकर मेरी बहुत मदद की है।”
5 लाख में सौदे का आरोप, जांच में जुटी पुलिस
प्रयत्न के प्रोजेक्ट मैनेजर गौरीशंकर चौधरी के मुताबिक, जिस व्यक्ति से शादी तय हुई थी, वह 50 साल का विधुर है। इस मामले में बाल विवाह के साथ-साथ बच्ची की खरीद-फरोख्त का एंगल भी सामने आ रहा है। पुलिस बिचौलिए और 5 लाख रुपये के लेन-देन की जांच कर रही है।
इस सराहनीय कार्रवाई में नखासा थाना प्रभारी संजय कुमार और चौकी प्रभारी रवींद्र चौधरी ने त्वरित एक्शन लेकर एक मासूम की जिंदगी तबाह होने से बचा ली।










