नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह प्रकृति ने रौद्र रूप दिखाया। अचानक आई भीषण बाढ़ ने सीमावर्ती इलाके में भारी तबाही मचा दी। कई गांव देखते ही देखते पानी में समा गए और नदी का जलस्तर इतना तेजी से बढ़ा कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
इस आपदा का सबसे बड़ा असर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर पड़ा है। जानकारी के अनुसार यात्रा पर गए करीब 400 तीर्थयात्रियों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। इनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं जिनका फिलहाल कोई सुराग नहीं मिल रहा है। प्रशासन और बचाव टीमें लगातार संपर्क साधने की कोशिश कर रही हैं।
विशेषज्ञ इस तबाही को ग्लोबल वार्मिंग से जोड़कर देख रहे हैं। प्रारंभिक जांच में इस बाढ़ के पीछे ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी GLOF की आशंका जताई जा रही है। काठमांडू विश्वविद्यालय के जलवायु शोधकर्ता प्रोफेसर रिजन भक्त कायस्थ के अनुसार तिब्बत के केरुंग क्षेत्र में हिमस्खलन के कारण लेंडे नदी का बहाव रुक गया था। वहां पानी जमा होने से एक अस्थायी झील बन गई और उसके अचानक फटने से यह विनाशकारी बाढ़ आई।







