2014 और 2019 में जिस “मोदी लहर” ने देश की सियासत का नक्शा बदल दिया था, 2024 के लोकसभा चुनाव और उसके बाद हुए विधानसभा चुनावों के बाद अब वही लहर चर्चा का विषय बन गई है। सवाल उठ रहा है कि क्या मोदी लहर थम गई है या बस उसका रूप बदल गया है।
भारत के स्तर पर देखें तो 2024 के चुनाव में बीजेपी को बहुमत तो मिला लेकिन अकेले दम पर 272 का आंकड़ा नहीं छू पाई। एनडीए के सहारे सरकार बनी। यह पहली बार था जब 2014 के बाद बीजेपी को गठबंधन की जरूरत पड़ी। महंगाई, बेरोजगारी, अग्निवीर और किसानों के मुद्दे विपक्ष ने जमकर उठाए और इसका असर शहरी और ग्रामीण दोनों सीटों पर दिखा। लेकिन इसके साथ ही राम मंदिर, धारा 370, और लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम को भी जनता ने सराहा। इसलिए “लहर खत्म” कहने के बजाय राजनीतिक विश्लेषक इसे “लहर का सामान्य होना” कह रहे हैं। अब वोट सिर्फ चेहरे पर नहीं, बल्कि स्थानीय मुद्दों और उम्मीदवार पर भी पड़ रहा है।
उत्तराखंड की बात करें तो यहां तस्वीर कुछ अलग दिखती है। 2014, 2019 और फिर 2024 में भी बीजेपी ने राज्य की पांचों लोकसभा सीटें जीतीं। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी ने इतिहास रचते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। डबल इंजन की सरकार, चारधाम प्रोजेक्ट, ऑल वेदर रोड और केंद्र से लगातार मिल रही आर्थिक मदद का फायदा बीजेपी को मिलता दिखा। पहाड़ में मोदी के नाम पर आज भी एक भरोसा है।
लेकिन उत्तराखंड में भी पूरी तरह सब ठीक नहीं है। महंगाई, पलायन, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दे युवाओं में नाराजगी पैदा कर रहे हैं। निकाय और पंचायत चुनावों में कई जगह बीजेपी को कड़ी टक्कर मिली। जोशीमठ आपदा और आपदा प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठे। यानी यहां भी लहर अब आंधी नहीं, बल्कि हवा बनकर चल रही है।
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि मोदी का व्यक्तिगत करिश्मा आज भी बरकरार है, लेकिन 2014 जैसी एकतरफा लहर अब नहीं रही। अब चुनाव क्षेत्रीय मुद्दों, उम्मीदवार की छवि और जमीनी काम पर ज्यादा लड़े जा रहे हैं। उत्तराखंड में बीजेपी की पकड़ अभी मजबूत है, लेकिन विरोधी दल कांग्रेस और अन्य दल लगातार जमीन तलाशने की कोशिश में हैं।
संक्षेप में कहें तो मोदी लहर खत्म नहीं हुई है, लेकिन उसका स्वरूप बदल गया है। पहले यह लहर सब कुछ अपने साथ बहा ले जाती थी, अब यह जनता की कसौटी परखी जा रही है। आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव तय करेंगे कि यह लहर फिर से आंधी बनेगी या धीरे-धीरे सामान्य हवा में बदल जाएगी।








