नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च और जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन की कवरेज को लेकर गोदी मीडिया के भीतर ही बगावत के सुर सुनाई देने लगे हैं। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार एक प्रमुख गोदी चैनल के अब तक 8 पत्रकारों ने जंतर मंतर जाकर ग्राउंड रिपोर्टिंग करने से साफ इनकार कर दिया है।
पत्रकारों का गुस्सा चैनल की संपादकीय लाइन को लेकर है। उनका आरोप है कि स्टूडियो में बैठे एंकर और संपादक सरकार के पक्ष में एकतरफा नैरेटिव चलाते हैं, सत्ता के सवालों को नरम कर देते हैं, और विरोध की आवाज को दबाते हैं। लेकिन जब ग्राउंड पर उतरने की बारी आती है तो प्रदर्शनकारियों के सवालों, नाराजगी और आलोचना का सामना रिपोर्टरों को करना पड़ता है।
इसी नाराजगी में पत्रकारों ने एंकरों से सीधे कहा कि “दलाली आप लोग करते हो और ज़लील हमे होना पड़ता है ग्राउंड पर।” उनका कहना था कि स्टूडियो से आदेश देने वाले लोगों को जनता के गुस्से का सामना नहीं करना पड़ता, लेकिन कैमरा और माइक लेकर मैदान में खड़े रिपोर्टर को हर बार जवाब देना पड़ता है।
इस विरोध के बाद चैनल प्रबंधन ने फिलहाल ग्राउंड रिपोर्टिंग रोक दी है। अब गोदी चैनल जंतर मंतर से कोई लाइव नहीं भेज रहा है। चैनल पर जो भी दिखाया जा रहा है वो या तो न्यूज एजेंसी का फीड है या फिर सोशल मीडिया से उठाए गए वीडियो और क्लिप हैं। यानी बिना किसी संवाददाता की मौजूदगी के सिर्फ दूर बैठकर खबर चलाई जा रही है।
मीडिया हलकों में इसे पत्रकारिता की साख पर बड़ा सवाल माना जा रहा है। कई वरिष्ठ पत्रकारों का कहना है कि जब चैनल के अपने ही रिपोर्टर मैदान में जाने से डरने लगें, तो समझा जा सकता है कि दर्शकों का भरोसा कितना टूट चुका है। उनका मानना है कि सत्ता के दबाव में खबर को मोड़ने की कोशिश का खामियाजा अंत में उन्हीं लोगों को भुगतना पड़ता है जो सबसे निचले स्तर पर काम करते हैं।
फिलहाल चैनल की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं जंतर मंतर पर प्रदर्शन लगातार जारी है और वहां से आ रही तस्वीरें अब सोशल मीडिया और स्वतंत्र पत्रकारों के जरिए ही सामने आ रही हैं।








