देहरादून। बद्रीनाथ मंदिर चोरी प्रकरण को लेकर उत्तराखंड की राजनीति मंगलवार को नए मोड़ पर पहुंच गई। BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी अपनी ही दी गई खुली बहस की चुनौती पर प्रेस क्लब नहीं पहुंचे। उधर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल तय समय पर पहुंचकर करीब डेढ़ घंटे तक उनका इंतजार करते रहे।
पिछले कुछ दिनों से बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति से जुड़े दान और चोरी के आरोपों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी नोकझोंक चल रही है। इसी दौरान हेमंत द्विवेदी ने गणेश गोदियाल पर आरोप लगाते हुए सार्वजनिक बहस की चुनौती दी थी। गोदियाल ने चुनौती स्वीकार की और बहस के लिए प्रेस क्लब में समय तय हुआ।
निर्धारित दिन गोदियाल कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ प्रेस क्लब पहुंचे। काफी देर तक इंतजार के बाद भी जब द्विवेदी नहीं आए तो गोदियाल ने कहा कि उन्होंने जनता के सामने तथ्य रखने के लिए हामी भरी थी, लेकिन चुनौती देने वाले ही सामने नहीं आए।
कांग्रेस ने इसको मुद्दे से भागना बताया। पार्टी का कहना है कि अगर आरोपों में सच्चाई होती तो BKTC अध्यक्ष बहस से पीछे नहीं हटते। नेताओं ने इसे जवाबदेही से बचने की कोशिश करार दिया।
अभी तक हेमंत द्विवेदी या भाजपा की ओर से इस अनुपस्थिति पर कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सार्वजनिक बहस की बात कहकर मंच पर न पहुंचना सियासी नुकसान दे सकता है। बद्रीनाथ मंदिर का मामला सीधे आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसमें आरोपों की बजाय पारदर्शिता और तथ्यों पर चर्चा जरूरी है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि BKTC अध्यक्ष इस पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं और यह विवाद आगे किस दिशा में जाता है।








