देहरादून। उत्तराखंड आयुर्वेद विवि ने बीएएमएस कोर्स में बिना काउंसलिंग लिए गए दाखिलों पर बड़ी कार्रवाई की है। विवि ने नियम तोड़कर निजी कॉलेजों में सीधे एडमिशन लेने वाले 52 छात्रों का नामांकन रद्द कर दिया है।
पूरा मामला इस तरह है। एनसीआईएसएम के साफ नियम हैं कि विदेशी छात्रों को छोड़कर बीएएमएस की हर सीट पर एडमिशन सिर्फ राज्य या केंद्र की काउंसलिंग के बाद ही मिलेगा। कॉलेज खुद सीधे किसी को प्रवेश नहीं दे सकते। लेकिन कुछ निजी आयुर्वेद कॉलेजों ने इस नियम को नजरअंदाज कर दिया।
पिछले दो महीने में विवि ने दो चरणों में कार्रवाई की। पहले 34 छात्रों का दाखिला रद्द हुआ। अब ताजा कार्रवाई में 18 और छात्रों के प्रवेश खत्म किए गए हैं। इसमें देहरादून के झाझरा स्थित शिवालिक आयुर्वेद कॉलेज के 4 और उत्तरकाशी के मंजीरा देवी आयुर्वेदिक कॉलेज के 14 छात्र शामिल हैं।
विवि के कुलसचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने दोनों कॉलेजों को पत्र भेजकर कहा है कि वे तुरंत छात्रों और उनके माता-पिता को इसकी जानकारी दें। जिन बच्चों का दाखिला रद्द हुआ है, अब उन्हें काउंसलिंग प्रक्रिया से ही दोबारा आवेदन करना पड़ेगा।
इस कार्रवाई के बाद निजी आयुर्वेद कॉलेजों की मॉनिटरिंग पर भी सवाल उठ रहे हैं। विवि ने साफ कर दिया है कि नियमों से हटकर किया गया कोई भी दाखिला मान्य नहीं होगा।








