रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरूद्वारा दमदमा साहिब में निहंग सिखों का 4 दिन चला हंगामा मंगलवार दोपहर खत्म हो गया। मामला अब शांत है।
हेमकुंड साहिब जाते निहंग सिखों और गुरूद्वारा प्रबंधन के बीच लंगर को लेकर विवाद हुआ। प्रबंधन ने 112 पर कॉल किया तो 6-8 निहंग घबरा कर गुरूद्वारे की छत और तीसरी-चौथी मंजिल पर चढ़ गए और रास्ता बंद कर दिया।
ये 16 जून को कर्णप्रयाग में पार्किंग विवाद में गिरफ्तार 4 निहंग साथियों की रिहाई और केस वापस लेने की मांग कर रहे थे।
निहंग हथियारों के साथ छत पर डटे रहे। प्रबंधन ने आरोप लगाया कि एक 60 साल के श्रद्धालु को बंधक बनाया गया, पानी-सोलर सिस्टम काट दिया गया। प्रशासन ने ITBP, PAC तैनात की और रुद्रप्रयाग-श्रीनगर में इंटरनेट बंद कर दिया। DM विशाल मिश्रा और SP निहारिका तोमर लगातार बात कर रहे थे।
23 जून मंगलवार को पंजाब के डमदमी टकसाल और निहंग सिंह बुढा दल के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। 3 घंटे बातचीत के बाद सभी 5 निहंग नीचे उतर गए और पंजाब के लिए रवाना हो गए।
DM विशाल मिश्रा ने कहा सभी लोग परिसर छोड़ चुके हैं, सामान्य स्थिति बहाल। हेमकुंड साहिब और चारधाम यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू चल रही है। गुरूद्वारे में अरदास-लंगर बिना रुके चल रहा था।
स्थानीय लोगों में गुस्सा है, क्योंकि निहंगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि जाते समय निहंग पुलिस के सामने नाचते-जयकारे लगाते निकले और पत्थर बरसाए। अब लोग तहरीर देकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
धामी सरकार ने सिख संगठनों के दबाव पर कर्णप्रयाग-नगरासू केस की जांच चमोली पुलिस से छीनकर हरिद्वार SSP को सौंप दी है।
पुलिस का पक्ष: गढ़वाल IG राजीव स्वरूप ने कहा ये गुरूद्वारा प्रबंधन और निहंग श्रद्धालुओं के बीच आपसी विवाद था। मैनेजमेंट के सदस्य भी निहंग समुदाय से ही हैं। सोशल मीडिया पर फैली गुरूद्वारा कब्जा और बंधक की खबरों को SP निहारिका तोमर ने भ्रामक बताया।
अभी गुरूद्वारे और हाईवे पर सुरक्षा बल तैनात हैं। प्रशासन ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।







