बेरीनाग। पिथौरागढ़ जनपद के बेरीनाग तहसील स्थित ग्राम बना के मूल निवासी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कमलेश कुमार पंत के हिमाचल प्रदेश का नया मुख्य सचिव नियुक्त होने पर उनके पैतृक गांव में उत्सव जैसा माहौल है। गांव में लोगों ने मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया और इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया।
ग्राम बना में जन्मे कमलेश पंत की प्रारंभिक शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय में हुई। इसके बाद उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज बेरीनाग से जूनियर स्तर की शिक्षा प्राप्त की। उच्च शिक्षा के लिए वे अल्मोड़ा गए, जहां इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 1993 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्हें हिमाचल प्रदेश कैडर आवंटित हुआ, जहां उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दीं।
कमलेश पंत का प्रशासनिक अनुभव तीन दशकों से अधिक का है। उन्होंने उत्तराखंड में जिलाधिकारी उत्तरकाशी तथा उत्तराखंड परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। इसके अलावा केंद्र सरकार में राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
विचारशील नेतृत्व, विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण और जनसेवा के प्रति समर्पण के लिए पहचाने जाने वाले कमलेश पंत को एक शांत, संतुलित और दूरदर्शी प्रशासक माना जाता है। उनकी कार्यशैली सादगी, पारदर्शिता और परिणामोन्मुख प्रशासन के लिए जानी जाती है। लंबे प्रशासनिक जीवन में उन्होंने कई संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है।
उनके पिता स्वर्गीय जगदीश चंद्र पंत शिक्षक होने के साथ-साथ समाजसेवी भी थे, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। कमलेश पंत की इस उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। पैतृक गांव बना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश से वीडियो कॉल के माध्यम से ग्रामीणों से संवाद किया और सभी का आभार व्यक्त किया।
ग्रामीणों ने कहा कि गांव के एक साधारण परिवार से निकलकर देश की शीर्ष प्रशासनिक सेवाओं में उच्चतम पदों तक पहुंचने वाले कमलेश पंत युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उनकी नियुक्ति से न केवल बना गांव बल्कि पूरा पिथौरागढ़ और उत्तराखंड गौरवान्वित महसूस कर रहा है।







