पौड़ी। जिले में बढ़ती गर्मी और पेयजल संकट को लेकर मिल रही शिकायतों के बीच जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने मंगलवार को जल संस्थान कार्यालय का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों-कर्मचारियों में हड़कंप मचा दिया। निरीक्षण के दौरान कई स्तरों पर लापरवाही सामने आने पर डीएम ने सख्त नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एक क्षेत्रीय कनिष्ठ अभियंता (जेई) को वीडियो कॉल किया गया तो वह ड्यूटी समय में अपने घर पर मिला। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए। वहीं अधीक्षण अभियंता कार्यालय से अनुपस्थित पाए गए, जिसके चलते उनका एक दिन का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया गया। मामले की सूचना पेयजल सचिव को भी भेजी गई है।
डीएम ने कहा कि पेयजल जैसी जनहित से जुड़ी संवेदनशील व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों को केवल कागजों में निस्तारित दिखाने की प्रवृत्ति पर सख्त कार्रवाई होगी।
निरीक्षण के दौरान कंट्रोल रूम व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि हेल्पलाइन नंबर कार्यालय परिसर के बाहर प्रमुखता से चस्पा किए जाएं और उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आमजन आसानी से शिकायत दर्ज करा सकें। साथ ही शिकायतों और उनके निस्तारण का नियमित रिकॉर्ड रखने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने डिस्पैच रूम, लेखा अनुभाग, कंप्यूटर अनुभाग और पेयजल शिकायत अनुभाग का निरीक्षण कर शिकायत निस्तारण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर शिकायत का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए और शिकायतकर्ता को उसकी जानकारी भी दी जाए।
गिरगांव क्षेत्र की महिलाओं द्वारा जनता दर्शन में उठाई गई पेयजल समस्या की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि यदि समय पर जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं हो रही है तो संबंधित फिटर को तत्काल हटाकर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
उन्होंने संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी को निर्देश दिए कि फील्ड में भेजे जा रहे जेई और अन्य कार्मिकों की उपस्थिति का पटवारियों के माध्यम से क्रॉस सत्यापन कराया जाए, ताकि केवल कागजों में फील्ड विजिट दिखाने की प्रवृत्ति पर रोक लग सके।
कार्यालयों में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए डीएम ने सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि पेयजल शिकायतों के समाधान में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस मौके पर अधिशासी अभियंता जल संस्थान टी.एस. रावत, अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।







