गुस्साए ग्रामीणों ने DFO कार्यालय का किया घेराव, क्षेत्र को आपदाग्रस्त घोषित करने की मांग
पौड़ी जनपद में गुलदार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीती देर रात कमन्द गांव में गुलदार ने एक व्यक्ति को अपना निवाला बना लिया, जबकि शनिवार को दिनदहाड़े इडवालस्यू क्षेत्र के बुढाकोट (बमठी) गांव में एक महिला पर हमले की कोशिश से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। लगातार बढ़ रही घटनाओं से नाराज ग्रामीणों और महिलाओं ने गढ़वाल वन प्रभाग कार्यालय पहुंचकर वन विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग उठाई।
ग्राम प्रधान मंजुला देवी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण उप वन संरक्षक (DFO) कार्यालय, पौड़ी पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया और क्षेत्र को आपदाग्रस्त घोषित किए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों के अनुसार शनिवार दोपहर करीब 12 बजे ग्राम बमठी निवासी रेखा देवी पत्नी हीरा सिंह पर गुलदार ने हमला करने का प्रयास किया। हालांकि किसी तरह महिला ने अपनी जान बचाई, लेकिन घटना के बाद गांव में भय का माहौल बन गया। इसके कुछ ही घंटे बाद दोपहर करीब 2 बजे फिर से गांव में गुलदार की चहलकदमी देखी गई।
बताया गया कि इसी दौरान शिवानी नामक महिला अपने दो बच्चों के साथ गांव में मौजूद थीं। आरोप है कि गुलदार ने बच्चों की ओर झपटने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों द्वारा शोर मचाने और मौके पर पहुंचने से बड़ा हादसा टल गया।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि रोशन लाल पुत्र विजय लाल के आंगन के आसपास भी कई बार गुलदार को घूमते देखा गया है। हालात ऐसे हैं कि लोग शाम होते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं और बच्चों को अकेले बाहर भेजने से डर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने वन विभाग से गांव में तत्काल पिंजरा लगाने, नियमित गश्त बढ़ाने और प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
प्रदर्शन में ग्राम प्रधान चवथ शंकर नौटियाल, ग्राम प्रधान केसुंदर कुसुमलता, जिला पंचायत सदस्य अनुज कुमार, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता युवा कांग्रेस भास्कर बहुगुणा, पूर्व प्रधान बमठी संगीता देवी, सोनी देवी, सरस्वती देवी, देवेश्वरी देवी, उमा देवी सहित करीब 25 से 30 ग्रामीण मौजूद रहे।








