देहरादून। हालांकि वर्तमान घटनाक्रम को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस की छवि खराब है, लेकिन हर पुलिसकर्मी एक जैसा नहीं होता है। कुछ वर्दीधारी देवदूत बनकर भी सामने आते हैं। ऐसा ही मामला देहरादून के नेहरू कॉलोनी से सामने आया है।
जहां देर रात एक व्यक्ति द्वारा चौकी बाईपास पर आकर सूचना दी कि उनके जीजा द्वारा कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर फांसी लगा ली है, जो कमरे की खिड़की से फंदे पर लटके हुए दिख रहे हैं। सूचना पर चौकी बाईपास से चीता कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुँचे।
मौके पर सचिवालय कॉलोनी के सामने कृष्णा विहार पर एक घर के बाहर काफी संख्या में लोग एकत्रित थे तथा घर की खिड़की से एक व्यक्ति फंदे पर लटका हुआ दिखाई दे रहा था।
मौके पर पुलिस कर्मियों द्वारा बिना समय गवाएं कमरे के लोहे के दरवाजे को अपने हाथों व लोहे की रॉड से तोड़ते हुए उक्त व्यक्ति को फंदे से नीचे उतारा गया तथा सूझबूझ दिखाते हुए उसे तत्काल मौके पर ही सीपीआर दिया गया, जिससे उक्त व्यक्ति की सांसें लौट आयी।
पुलिस कर्मियों द्वारा बिना समय गवाये व एम्बुलेंस का इंतजार किये बिना उक्त व्यक्ति को अपनी सरकारी मोटरसाइकिल पर बैठाकर नजदीकी अस्पताल कनिष्क ले जाया गया, जहां पर समय रहते डॉक्टरों द्वारा उक्त व्यक्ति को दिये गए उपचार से उसकी जान बचाई जा सकी।
पुलिस द्वारा पूर्ण संवेदनशीलता के साथ मौके पर की गई त्वरित कार्रवाई से उक्त व्यक्ति को एक नया जीवन मिल सका, जिस पर मौके पर मौजूद उक्त व्यक्ति के परिजनों तथा स्थानीय लोगो द्वारा पुलिस की सूझबूझ व त्वरित कार्यवाही की प्रशंसा कर उनकी कार्यशैली की सराहना की है।











